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वरुण शर्मा, नईदुनिया, ग्वालियर। एथेनॉल मिले हुए ई-20 पेट्रोल के कारण अब वाहन मालिकों की शिकायतें बढ़ रही हैं। अगर उन्हें जांच करानी है तो इसके लिए 34 हजार और डीजल की जांच के लिए 13 हजार रुपये प्रति सैंपल खर्च आता है। प्रशासन द्वारा जो सैंपल पेट्रोल पंपों से लेकर भेजे जाते हैं, वहां से रिपोर्ट ओके आ रही है, क्योंकि भोपाल में स्थित इकलौती राज्य स्तरीय लैब इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग भी निजी रूप से सैंपल नहीं भेजता है क्योंकि इनका खर्च कौन उठाएगा। विभाग के पास सैंपल जांच के लिए बजट भी नहीं है। पेट्रोल पंप से भेजे गए पेट्रोल-डीजल के सैंपल का कोई शुल्क नहीं लगता है।
बता दें कि ई-20 पेट्रोल सिर्फ बीएस-छह वाहनों को सपोर्ट करता है, जबकि अभी बड़ी संख्या में इस सर्टिफिकेशन के वाहन हैं। इतना ही नहीं, एथेनॉल युक्त पेट्रोल के कारण बीएस-छह वाहन में भी शिकायत के मामले आने लगे हैं। 20 प्रतिशत एथेनॉल मिक्स वाले इस फ्यूल को अप्रैल 2025 से सरकार ने लागू किया है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई थी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। इसका उपयोग अनिवार्य होने के बाद लगातार शिकायतें आने लगीं कि इसके उपयोग से उनकी गाड़ियों का माइलेज काफी गिर गया है। साथ ही बाइक व कारों के इंजन पार्ट्स भी खराब हो रहे हैं। अब पेट्रोल को लेकर शिकायतों का ग्राफ बढ़ रहा है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार एथेनॉल युक्त पेट्रोल को लेकर अब शिकायतें बढ़ रही हैं। पहले यह एक साल में एक या दो आती होंगी लेकिन अब हर माह आठ से दस शिकायतें आ रही हैं। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन पर भी वाहन मालिक शिकायत कर रहे हैं।
अगर आप खुद जांच कराएंगे तो दरें देखिए, आप चौंक जाएंगे...
ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट के अनुसार ई-20 पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा अधिक होने से इसका ऊर्जा घनत्व सामान्य पेट्रोल से थोड़ा कम होता है। इसका सीधा असर माइलेज पर पड़ता है। पुराने वाहनों में माइलेज तीन से छह प्रतिशत तक घट सकता है। इसके अलावा, जिन गाड़ियों का फ्यूल सिस्टम ई-20 कम्पैटिबल नहीं है, उनमें लंबे समय तक ई-20 के उपयोग से फ्यूल पाइप, सील में जंग लगने या क्रैक पड़ने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसा ही असर पुरानी बाइक व स्कूटर पर होता है। बाइक व स्कूटर के कार्बोरेटर में खामी आती है, जिससे बाइक व स्कूटर का माइलेज खराब होता है और इंजन पर भी असर पड़ता है।
एथेनॉल युक्त ईंधन संबंधी शिकायतों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ गई है। जांच के लिए सैंपल अभी तक जो भेजे वे ओके आए हैं। निजी तौर पर सैंपल भेजने के लिए शुल्क तय है, पेट्रोल पंप से विभाग द्वारा भेजने पर शुल्क नहीं लगता है। - अरविंद सिंह भदौरिया, जिला आपूर्ति अधिकारी, ग्वालियर
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