
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जाली दस्तावेजों के जरिये बौद्ध भिक्षु बनकर पासपोर्ट बनवाले वाले आरोपित एसटीएफ के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। एसटीएफ ने सरगना रियाल चौधरी से लेकर दोनों गवाहों और पासपोर्ट सेवा केंद्र के कर्मचारी सहित सात आरोपितों को अब तक पकड़ा है। इसके आगे एसटीएफ नहीं बढ़ सकी।
इसकी वजह है- बौद्ध भिक्षु बने बांग्लादेशियों में से कुछ तो विदेश भाग चुके हैं। जबकि कुछ देश के अलग-अलग राज्यों में छिपे हुए हैं। अब एसटीएफ का फोकस फंडिंग पर है। इसकी पड़ताल शुरू कर दी गई है। सरगना रियाल चौधरी ग्वालियर के रहने वाले गुलाबराय गौतम उर्फ भंते सम्यक बोधि का बैंक खाता इस्तेमाल कर रहा था।
चार साल में इस खाते से कितना लेनदेन हुआ, कहां से पैसा आया, किसे पैसा भेजा गया। इसकी पूरी जानकारी एसटीएफ निकालकर पड़ताल कर रही है।
यहां बता दें कि, सितंबर माह में सबसे पहले बांग्लादेशी रियाल चौधरी को पकड़ा गया था। जिसने भारत में बौद्ध धर्म अपनाया और भंते मित्यानंद बन गया। उसने पहले अपना फिर 70 बांग्लादेशी नागरिकों को बौद्धिस्ट बनाकर जाली दस्तावेजों के जरिये पासपोर्ट बनवाए।
ग्वालियर के डबरा स्थित बौद्ध विहास के पते पर 17, भोपाल के गोविंदपुरा में अन्ना नगर बौद्ध विहार के पते पर 50 पासपोर्ट, छिंदवाड़ा, बैतूल सहित अन्य जिलों के पते पर 70 पासपोर्ट बनवाए गए। इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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जबकि इस मामले में 20 से ज्यादा लोगों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित है। जो बांग्लादेशी बौद्ध भिक्षु बनकर देश के अलग-अलग राज्यों में छिपे हैं व विदेश भाग गए, उन्हें पकड़ना सबसे बड़ी चुनौती है।
विदिशा में खोला बैंक खाता, इस्तेमाल कर रहा था सरगना
ग्वालियर के जनकगंज इलाके में रहने वाले भंते सम्यक बोधि का बैंक खाता विदिशा की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में खुलवाया गया था। इसका इस्तेमाल रियाल चौधरी कर रहा था। इसी से वह पूरा लेनदेन करता था। इसके एवज में भंते सम्यक बोधि को कमीशन मिलता था।
अब तक यह पकड़े गए...
रियाल चौधरी
विप्लव अधिकारी
प्रियान चौधरी
राय चौधरी
गयाप्रसाद गौतम
गुलाब राय गौतम
नसीम अख्तर
पासपोर्ट सेवा केंद्र कर्मचारी चिन्हित, पकड़ा नहीं गया
इस मामले में भोपाल में पदस्थ एक पासपोर्ट सेवा केंद्र का कर्मचारी एसटीएफ ने चिन्हित किया था। जिसकी नसीम अख्तर से सांठगांठ थी। उसने पासपोर्ट बनवाए थे। यह कर्मचारी अब तक पकड़ा नहीं गया है।
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