
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सिविल अस्पताल बिरलानगर में पैथोलॉजी लैब शुरू नहीं होने से मरीजों को अब भी जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
खास बात यह है कि शासन से लैब संचालन की स्वीकृति मिलने के बाद जरूरी मशीनों की सप्लाई भी अस्पताल को हो चुकी है।
अस्पताल प्रबंधन ने जुलाई के अंत तक लैब शुरू करने का दावा किया था, लेकिन समय सीमा निकलने के बाद अब एक सप्ताह में लैब शुरू करने की बात कही जा रही है।
बिरलानगर प्रसूति गृह का विस्तार कर इसे सिविल अस्पताल का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन पैथोलॉजी सुविधा अब तक शुरू नहीं होने से मरीजों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वर्तमान में अस्पताल में केवल सैंपल कलेक्शन सेंटर संचालित हो रहा है। यहां मरीजों के रक्त और अन्य नमूने लिए जाते हैं और जांच के लिए लक्ष्मीगंज प्रसूति गृह व सिविल अस्पताल हजीरा भेजे जाते हैं।
रिपोर्ट के इंतजार में अटक रहा इलाज
सैंपल दूसरे अस्पताल भेजे जाने के कारण जांच रिपोर्ट मिलने में चार से पांच दिन तक लग रहे हैं। इसका असर खासकर गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं के उपचार पर पड़ रहा है। चिकित्सकों को कई मामलों में जांच रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ता है, जिसके बाद ही उपचार की आगे की प्रक्रिया तय हो पाती है।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर में 13 लाख टन कचरे के पहाड़ को खत्म करेगी इटली की मशीन, गीले कचरे से तैयार होगी जैविक खाद
अब एक सप्ताह में शुरू करने का दावा
मरीजों की परेशानी को देखते हुए शासन ने बिरलानगर सिविल अस्पताल में पैथोलॉजी लैब स्थापित करने की मंजूरी दी थी। मशीनें भी पहुंच चुकी हैं, लेकिन संचालन शुरू नहीं हो सका है। अस्पताल प्रबंधन अब एक सप्ताह के भीतर लैब शुरू करने का दावा कर रहा है।
लैब शुरू होने के बाद मरीजों के सैंपल की जांच अस्पताल में ही हो सकेगी और रिपोर्ट के लिए दूसरे अस्पताल पर निर्भरता कम होगी।
पैथोलॉजी लैब तैयार हो रही है। सभी उपकरण इंस्टालेशन का काम चल रहा है। यह सब प्रक्रिया पूरी होने के बाद जांच सुविधा शुरू कर दी जाएगी। मरीजों को अब जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। डॉक्टर, जगदीश मसोरिया, प्रभारी बिरलानगर सिविल अस्पताल
यह भी पढ़ें- बांग्लादेशी फर्जी पासपोर्ट मामले में खुलासा, ग्वालियर और बैतूल से बने 15 पासपोर्ट के तार नसीम अख्तर से जुड़े