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ग्वालियर में 13 लाख टन कचरे के पहाड़ को खत्म करेगी इटली की मशीन, गीले कचरे से तैयार होगी जैविक खाद

केदारपुर स्थित लैंडफिल साइट पर वर्षों से जमा करीब 13 लाख टन पुराने कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है।

By Digital DeskEdited By: Nitin Kumar
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 08:54:56 AM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 08:54:56 AM (IST)
ग्वालियर में 13 लाख टन कचरे के पहाड़ को खत्म करेगी इटली की मशीन, गीले कचरे से तैयार होगी जैविक खाद
इटालियन मशीन से समाप्त होगा कूड़े का पहाड़, फोटो-एआई जनरेटेड

HighLights

  1. 13 लाख टन पुराने और नए कचरे का होगा समाधान
  2. दो अक्टूबर से कचरा हटाने की प्रक्रिया शुरू
  3. करीब 33 करोड़ रुपए का किया गया प्रावधान

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। केदारपुर स्थित लैंडफिल साइट पर वर्षों से जमा करीब 13 लाख टन पुराने कचरे के निस्तारण की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। इसके लिए इटली से मंगाई गई आधुनिक मशीन का इंस्टालेशन अंतिम चरण में है और आगामी दो अक्टूबर से इसे पूरी क्षमता के साथ शुरू करने की तैयारी है।

दो अक्टूबर का दिन इसलिए चुना गया है, क्योंकि इसी दिन महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर 12 साल पहले देश में स्वच्छ भारत मिशन की शुरूआत हुई थी। मशीन की क्षमता प्रतिदिन 1200 टन कचरा प्रोसेस करने की है। इसमें करीब 600 टन पुराने कचरे और 600 टन शहर से रोज निकलने वाले नए कचरे को प्रोसेस किया जाएगा।


साढ़े चार करोड़ में किया टेंडर

मशीन के संचालन के लिए प्लांट में नया सेटअप तैयार किया जा रहा है। इससे नए कचरे के निस्तारण के साथ पुराने कचरे के पहाड़ को भी हटाने का काम एक साथ चलता रहेगा। नगर निगम ने पुराने और नए दोनों कचरे के निस्तारण का करीब साढ़े चार करोड़ रुपये में टेंडर किया है।

पहले इस काम के लिए करीब 33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, लेकिन विवाद के चलते ये प्रोजेक्ट सफल नहीं हो सका। अब नई व्यवस्था में प्लांट की बिजली का खर्च भी ठेकेदार को ही उठाना होगा। अभी निगम को केदारपुर प्लांट के बिजली बिल पर सालाना करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

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गीले कचरे से तैयार होगा जैविक खाद

नए टेंडर के बाद बिजली कनेक्शन लेने और बिल भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। कचरे की प्रोसेसिंग के दौरान सूखे कचरे को अलग कर रिसाइकिलिंग के लिए फैक्ट्रियों को बेचा जाएगा, जबकि गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाएगी।

इस खाद का उपयोग पार्कों और नर्सरियों में करने के साथ किसानों को भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। कचरे की प्रोसेसिंग से होने वाली आय ठेकेदार को मिलेगी। नगर निगम के अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव के अनुसार केदारपुर में जमा पुराने कचरे के निस्तारण के लिए अक्टूबर से इटली की मशीन शुरू करने की तैयारी है।

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