ग्वालियर के जिला अस्पताल मुरार में बिजली नहीं, प्रसूति गृह में मचा हड़कंप, बजट नहीं मिलने से हाइटेंशन सब स्टेशन का काम बंद
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हों या लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार किसी को मरीजों की परवाह नहीं है।
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 09:01:51 AM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 09:01:51 AM (IST)
जिला अस्पताल मुरार, नईदुनियाHighLights
- बिजली की समस्या से जूझ रहा जिला अस्पताल
- प्रसूति गृह जैसी अहम यूनिट में मचा हड़कंप
- बजट नहीं मिलने से विभाग ने काम किया बंद
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे महत्वपूर्ण इकाई में ही बिजली समस्या की आपूर्ति को फुटबॉल जैसा बना दिया गया है। विभाग को बजट नहीं मिला तो काम बंद कर दिया इसके बाद फिर प्रस्ताव पर प्रस्ताव। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हों या लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार किसी को मरीजों की परवाह नहीं है।
प्रसूति गृह को लेकर चिंता नहीं
एक दिन पहले जिला अस्पताल में बिजली के कारण मरीजों की जो आफत हो गई वह सभी के सामने है। प्रसूति गृह जैसी अहम यूनिट की इस समस्या की चिंता कोई नहीं कर रहा है। जिला प्रशासन, सीएमएचओ से लेकर सिविल सर्जन इसको लेकर गंभीर नहीं हैं।
जिला अस्पताल मुरार पहले से बिजली की समस्या से जूझ रहा है। अब प्रसूति गृह में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए प्रस्तावित 33 केवी हाइटेंशन सब स्टेशन का काम भी बजट के अभाव में अटक गया है। लोक निर्माण विभाग की ईएंडएम शाखा को सब स्टेशन तैयार करना था, लेकिन बजट नहीं मिलने के कारण ठेकेदार ने काम बंद कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग को भेजा प्रस्ताव
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन प्रक्रिया पूरी नहीं होने से योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। स्थिति यह है कि प्रसूति गृह परिसर में सब स्टेशन के लिए केवल एक कमरा और कुछ पोल ही लगाए जा सके हैं।
प्रसूति गृह में 33 केवी हाइटेंशन लाइन का सब स्टेशन स्थापित होने के बाद यहां 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होने की उम्मीद थी। इससे महिला वार्ड, मदर वार्ड, बच्चों के आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, टीकाकरण कक्ष और सिविल सर्जन कार्यालय सहित पूरे परिसर में बिजली गुल होने की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती थी।
लेकिन काम अधूरा रहने के कारण प्रसूति गृह अभी भी सामान्य बिजली सप्लाई और बैकअप जनरेटर पर निर्भर है।
इस प्रोजेक्ट का काम क्यों रूका क्या कारण रहे इसकी जानकारी लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बजट के लिए भी संबंधित विभाग से चर्चा की जाएगी। मौसम जैन, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग की ईएंडएम शाखा