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ग्वालियर फर्जी पासपोर्ट कांड में भंते से 96 घंटे पूछताछ में खुला राज, मास्टरमाइंड रियाल चौधरी देता था बांग्लादेशियों को नई पहचान

ग्वालियर में जाली पासपोर्ट और बांग्लादेशी घुसपैठ मामले में भंते गुलाब राय से एसटीएफ की 96 घंटे पूछताछ पूरी हुई। मुख्य सरगना रियाल चौधरी द्वारा फर्जी प...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 16 Oct 2026 12:07:43 PM (IST)Updated Date: Fri, 16 Oct 2026 12:07:43 PM (IST)
ग्वालियर फर्जी पासपोर्ट कांड में भंते से 96 घंटे पूछताछ में खुला राज, मास्टरमाइंड रियाल चौधरी देता था बांग्लादेशियों को नई पहचान
ग्वालियर फर्जी पासपोर्ट कांड में भंते से 96 घंटे पूछताछ में खुला राज। (नईदुनिया)

HighLights

  1. एसटीएफ ने भंते गुलाब राय से 96 घंटे पूछताछ की।
  2. रैकेट का मुख्य सरगना रियाल चौधरी ही पहचान बदलता था।
  3. बौद्ध भिक्षु के कपड़े पहनाकर घुसपैठियों को मठ में छिपाया।

नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: जाली दस्तावेजों के जरिये पासपोर्ट बनवाने और घुसपैठ कराने के बहुचर्चित मामले में गिरफ्तार किए गए भंते गुलाब राय गौतम से पूछताछ का दौर आखिरकार पूरा हो गया है। एसटीएफ की तीन अलग-अलग टीमों ने भंते से लगातार 96 घंटे तक पूछताछ की।

इस दौरान उसे मामले के अन्य आरोपियों रियाल चौधरी, नसीम अख्तर और प्रियान चौधरी के सामने बैठाकर कई राज उगलवाए गए। 96 घंटे की गहन पूछताछ के बाद जो तथ्य सामने आए हैं, उनके अनुसार इस पूरे रैकेट का सरगना रियाल चौधरी है।


बांग्लादेशियों को देता था नई पहचान

पूछताछ में खुलासा हुआ कि रियाल ही बांग्लादेशियों को भारत में अवैध रूप से दाखिल कराने के बाद उन्हें नया रंग-रूप और पहचान देता था। वह बौद्ध मठ में यह यकीन दिलाता था कि इन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है, इसलिए ये सभी "बौधिस्त" (बौद्ध) हैं। आरोपियों के नए नाम भी रियाल चौधरी ही तय करता था।

मठ में चीवर पहनकर करते थे गुमराह

जांच में यह भी चौंकाने वाला सच सामने आया है कि कुछ बांग्लादेशी घुसपैठियों ने सीमा पार करने के बाद अपना धर्म बदला ही नहीं था। इसके बावजूद वे रियाल चौधरी की मिलीभगत और साठगांठ से स्थानीय बौद्ध मठ में शरण लेते थे। मठ में रहते हुए वे चीवर (भिक्षुओं द्वारा पहने जाने वाले पीले/भगवा वस्त्र) पहनकर अधिकारियों और आम लोगों को गुमराह करते थे, जिससे किसी को उन पर शक न हो।

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सभी आरोपियों को भेजा जेल

मठ में पनाह मिलने के बाद ये लोग जाली और जाली दस्तावेज (आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि) तैयार करवाते थे, जिसके आधार पर इनके फर्जी पासपोर्ट बनवाए गए। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों और दस्तावेजों को सत्यापित करने की दिशा में आगे की कार्रवाई कर रही है। एसटीएफ ने भंते गुलाब राय, प्रियान चौधरी और नसीम अख्तर को कोर्ट में पेश किया। यहां से इन्हें जेल भेज दिया गया।

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