ग्वालियर: 151 आउटसोर्स कर्मचारी भर्ती से अब वेतन संकट, प्रक्रिया में गड़बड़ी उजागर, बिना पद के कर्मचारियों की हुई नियुक्ति
स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं का असर अब सीधे कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ने लगा है।
Publish Date: Sun, 13 Sep 2026 09:42:15 AM (IST)Updated Date: Sun, 13 Sep 2026 10:31:43 AM (IST)
आउटसोर्स भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी से गहराया वेतन संकट (प्रतीकात्मक फोटो)HighLights
- आउटसोर्स कर्मचारी भर्ती से वेतन संकट
- बिना पद के कर्मचारियों की हुई नियुक्तियां
- आवंटित बजट समय से पहले हुआ समाप्त
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं का असर अब सीधे कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ने लगा है। निर्धारित संख्या से अधिक कर्मचारियों की भर्ती किए जाने के कारण सितंबर तक वेतन भुगतान के लिए उपलब्ध राशि जून में ही समाप्त हो गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा गठित दो सदस्यीय जांच दल की पड़ताल में सामने आया है कि विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में 151 आउटसोर्स कर्मचारी अतिरिक्त भर्ती कर लिए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि संजीवन क्लीनिक और शहरी स्वास्थ्य संस्थाओं में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रावधान नहीं होने के बावजूद वहां कर्मचारियों की पदस्थापना कर दी गई।
निर्धारित पदों से अधिक भर्ती होने के कारण वेतन मद पर अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ा और कर्मचारियों के भुगतान के लिए आवंटित बजट समय से पहले समाप्त हो गया। मामला पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर सचिन श्रीवास्तव के कार्यकाल से जुड़ा है।
दो सदस्यीय दल से कराई जांच
आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और उन्हें निर्धारित दर से कम वेतन दिए जाने की शिकायत मिलने के बाद वर्तमान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने दो सदस्यीय दल से मामले की जांच कराई थी। जांच दल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर जगदीश राजपूत और डॉक्टर पवन जैन शामिल थे।
जिन पदों का प्रावधान नहीं, वहां भी नियुक्तियां
जांच का सबसे गंभीर बिंदु यह सामने आया कि कुछ स्वास्थ्य संस्थाओं में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति का प्रावधान ही नहीं था। इसके बावजूद वहां कर्मचारियों की पदस्थापना की गई।
अब जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि अतिरिक्त नियुक्तियों के लिए जिम्मेदार कौन है और सरकारी राशि के उपयोग में हुई कथित अनियमितताओं के लिए किस स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।