Gwalior Weather: शहर में धूप-बारिश का खेल जारी, हल्की बूंदाबादी के बाद पारा 34 के पार, आगामी दिनों में ऐसा रहेगा मौसम
मंगलवार को दिन में धूप भी निकली और बादल भी छाए। हल्की वर्षा भी शहर के कुछ हिस्सों में दर्ज की गई।
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 10:53:52 AM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 10:53:52 AM (IST)
ग्वालियर में धूप-बारिश का खेल जारी, नईदुनियाHighLights
- ग्वालियर में धूप-छांव का खेल जारी
- बूंदाबांदी के बाद पारा 34 के पार
- 19 सितंबर से होगी मानसून विदाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मानसून विदाई की ओर है और 19 सितंबर से राजस्थान की ओर से मानसून की विदाई होना शुरू हो जाएगा। लेकिन लौटते मानसून से अंचल में हल्की से मध्यम वर्षा हो रही है। मंगलवार को दिन में धूप भी निकली और बादल भी छाए। हल्की वर्षा भी शहर के कुछ हिस्सों में दर्ज की गई।
शहर में 5.4 मिमी वर्षा दर्ज भी की गई। हालांकि, वर्षा से दिन के तापमान में असर नहीं पड़ा और पारा बढ़कर 34.1 डिसे पर पहुंच गया। रात का तापमान भी 26.2 डिसे पर रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आगामी चार दिन तक अंचल में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
इसकी वजह यह है कि मानसूनी ट्रफ लाइन शिवपुरी व गुना के बीच से गुजर रही है। इसलिए अंचल में आगामी चार दिन तक हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, वर्तमान में निम्नदाब का क्षेत्र राजस्थान के ऊपर बना है और बंगाल की खाड़ी में चक्रवातीय प्रसार बना हुआ है। निम्नदाब से लेकर चक्रवातीय प्रसार तक मानसूनी ट्रफ जा रही है। यह शिवपुरी व गुना के बीच में है। ऐसे में इसका असर अंचल में भी आ रहा है और बादल छा रहे हैं और हल्की से मध्यम वर्षा हो रही है।
केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, 19 सितंबर से राजस्थान से मानसून के वापस होने की संभावना बन रही है। ग्वालियर चंबल अंचल से मानसून की वापसी 30 सितंबर तक होती है। मौसम विभाग के मुताबिक, लौटते हुए मानसून के दौरान ग्वालियर चंबल में भारी वर्षा के आसार कम ही रहेंगे।
ग्वालियर का तापमान...
दिन का तापमान 2.6 डिसे बढ़कर 34.1 पर पहुंचा।
चार दिन तक कहीं-कहीं हो सकती है हल्की से मध्यम वर्षा।
तापमान की चाल....
अधिकतम तापमान: 34.1 डिसे
न्यूनतम तापमान: 26.2 डिसे
05:30: 26.4 डिसे
08:30: 27.4 डिसे
11:30: 30.8 डिसे
14:30: 31.0 डिसे
17:30: 28.6 डिसे
पिछले साल अक्टूबर में रहा था मानसून सक्रिय
पिछले साल अंचल में मानसून न केवल अति सक्रिय रहा था, बल्कि अक्टूबर के पहले सप्ताह तक सक्रिय रहा था और भारी वर्षा हुई थी। इससे अंचल की धान की फसल को नुकसान पहुंचा था। हालांकि, अभी तक अंचल में वर्षा अपने वार्षिक औसत को भी पार नहीं कर पाई है। अभी तक 733.2 मिमी वर्षा हुई है, जबकि जिले का औसत 751.2 मिमी है।