
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर: जया आरोग्य अस्पताल समूह में मरीजों के स्वजन से पार्किंग शुल्क के नाम पर निर्धारित राशि से अधिक वसूली का मामला प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। चार पहिया वाहन के लिए निर्धारित पार्किंग शुल्क 20 रुपये है, लेकिन वाहन चालकों से खुलेआम 50 रुपये वसूले जा रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि अधिक शुल्क वसूली की शिकायतें सामने आने, सहायक अधीक्षक द्वारा स्टिंग किए जाने और ठेकेदार पर जुर्माना लगाने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब डीन डा. आरकेएस धाकड़ और अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना के संज्ञान में मामला है तो फिर निर्धारित शुल्क से अधिक वसूली रोकने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा।
पार्किंग रसीद पर वाहन आनर्स रिस्क पर खड़ा होने का उल्लेख रहता है यानी वाहन की सुरक्षा की जिम्मेदारी वाहन मालिक की बताई जाती है। स्वजन का सवाल है कि पार्किंग के लिए शुल्क लिया जा रहा है तो वाहन की सुरक्षा को लेकर संचालक की जवाबदेही क्यों तय नहीं है?
प्रबंधन का कहना है कि ठेकेदार को अंतिम नोटिस जारी किया जा चुका है। निविदा शर्तों का पालन नहीं होने पर ठेका निरस्त करने, धरोहर राशि राजसात करने और फर्म को तीन वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। हालांकि जब तक यह कार्रवाई जमीन पर नहीं उतरती, तब तक निर्धारित 20 रुपये की जगह 50 रुपये की वसूली का आरोप अस्पताल प्रबंधन की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता रहेगा।
शिकायतों के बाद पार्किंग ठेकेदार पर जुर्माना लगाया जा चुका है। साथ ही लीगल नोटिस जारी किया गया। अब ठेका निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मनीष चतुर्वेदी, प्रवक्ता, जेएएच।
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मरीजों के स्वजन का आरोप है कि इलाज के दौरान अस्पताल के एक परिसर से दूसरे परिसर में जाने पर कई बार दोबारा पार्किंग पर्ची काटकर शुल्क लिया जाता है। उनका कहना है कि आरएफआइडी आधारित व्यवस्था लागू होने से वाहन की एंट्री दर्ज की जा सकती है और एक ही वाहन से बार-बार शुल्क लेने की स्थिति से बचा जा सकता है।
जीआरएमसी डीन डॉ. धाकड़ और जेएएच अधीक्षक डा. सक्सेना को पार्किंग शुल्क की अनियमितता की जानकारी होने के बावजूद यदि निर्धारित शुल्क से अधिक राशि की वसूली जारी है तो अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। कार्रवाई के नाम पर नोटिस और जुर्माना तो हुआ, लेकिन उसका असर पार्किंग स्थल पर दिखाई नहीं दे रहा।