
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के जेल महानिदेशक डॉक्टर वरुण कपूर सोमवार को ग्वालियर केंद्रीय जेल के दौरे पर पहुंचे। जेल परिसर पहुंचने पर उन्हें जेल पुलिस की टुकड़ी ने सलामी दी। पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉक्टर कपूर ने जेल सुधारों की कई योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक लागू करने का प्रस्ताव है। लगभग आठ करोड़ रुपये की इस योजना के तहत दाल की गुणवत्ता से लेकर रोटी और सब्जी के पकने तक की ऑनलाइन निगरानी सीधे मुख्यालय से की जाएगी।
नए आवासीय खंड का लोकार्पण
देश में इस तरह का यह पहला प्रयोग होगा। जेल अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों ने गुलदस्ता भेंटकर उनकी अगवानी की। महानिदेशक ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और परेड की सलामी ली। निरीक्षण के दौरान महानिदेशक ने साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से बने नए आवासीय खंड का लोकार्पण किया।
इसके शुरू होने से जेल में 160 अतिरिक्त बंदियों को रखने की जगह मिलेगी, जिससे क्षमता से अधिक कैदियों के दबाव से राहत मिलेगी। उन्होंने बैरकों का दौरा कर कैदियों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
कैदियों द्वारा पैरोल में आ रही अड़चनों का मुद्दा उठाए जाने पर उन्होंने जल्द से जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
पेयजल और भोजन सुविधा में सुधार
जेल महानिदेशक ने बताया कि प्रदेश की सभी जेलों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए दो करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और काम शुरू हो गया है।
घर से वस्तुएं मंगा सकेंगे कैदी
इसके अलावा, वर्ष 2016 की भोपाल जेल घटना के बाद बंद की गई घर से खाना मंगवाने की सुविधा को लगभग एक दशक बाद सभी उप-जेलों में फिर से बहाल कर दिया गया है। अब बंदी हर 15 दिन में अपने घर से अचार, नमकीन जैसी तय खाद्य वस्तुएं मंगवा सकेंगे।