नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। ग्वालियर की सड़कों पर रविवार सुबह सिर्फ कदमों की रफ्तार नहीं थी, बल्कि देशभक्ति, शौर्य और फिटनेस का जुनून दौड़ रहा था। कोई हाथ में तिरंगा लिए आगे बढ़ रहा था तो कोई सेना की वर्दी में अपने साथियों का हौसला बढ़ा रहा था।
सुबह की शुरुआत जैसे-जैसे हुई, वैसे-वैसे मैराथन का उत्साह भी बढ़ता गया। एयर वॉरियर्स और उनके परिवारों के साथ अन्य सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान और शहर के नागरिक भी दौड़ का हिस्सा बने।
उम्र और फिटनेस की अलग-अलग सीमाओं के बावजूद सभी का लक्ष्य एक था-दौड़ना, खुद को चुनौती देना और सेखों की वीरता को सलाम करना। प्रतिभागियों के लिए पांच किमी, 10 किमी और 21 किमी हाफ मैराथन श्रेणियां रखी गई थीं।
फिनिश लाइन पर मेडल के साथ दिखा गर्व
धावकों के लिए फिनिश लाइन तक पहुंचना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी। हर कदम उन्हें फ्लाइंग ऑफिसर सेखों की उस विरासत से जोड़ रहा था, जिसमें साहस, कर्तव्य और देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की भावना शामिल है।
मेडल हासिल करने वाले धावकों के चेहरों पर खुशी के साथ देश के वीर योद्धा के प्रति सम्मान भी साफ नजर आया। आयोजन ने भारतीय वायुसेना के आदर्श वाक्य 'टच द स्काई विद ग्लोरी' को भी जीवंत किया।
एयर मार्शल ने भी धावकों के साथ लगाई दौड़
मैराथन का शुभारंभ सेंट्रल एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल तरुण चौधरी और एएफडब्ल्यूडब्ल्यूए की अध्यक्ष सविता चौधरी ने किया। उद्घाटन के बाद खुद भी धावकों के साथ ट्रैक पर उतरे।
वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिभागियों के बीच दौड़ते देख युवाओं और अन्य धावकों में भी उत्साह बढ़ गया। इससे आयोजन में नेतृत्व, अनुशासन, फिटनेस और टीम भावना का संदेश और मजबूत हुआ।
अपनी क्षमता को चुनौती देकर पूरी की दौड़
सुबह की धूप में जब एक के बाद एक धावक फिनिश लाइन पार कर रहे थे, तब मैदान में सिर्फ जीतने वालों के लिए तालियां नहीं बज रही थीं। हर उस व्यक्ति का उत्साह बढ़ाया जा रहा था, जिसने अपनी क्षमता को चुनौती देकर दौड़ पूरी की।
यही इस मैराथन की सबसे बड़ी खूबसूरती रही। यह प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़कर वीरता, फिटनेस और सामूहिक राष्ट्र गौरव का उत्सव बन गई।
खिलाड़ियों ने जीते गोल्ड मेडल
मैराथन में अंतरराष्ट्रीय खेल गांव ग्वालियर के खिलाड़ियों ने भी अपनी प्रतिभा का दम दिखाया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
अनुराग भदौरिया ने पुरुष 21 किमी हाफ मैराथन में गोल्ड मेडल जीता। नवीन शर्मा ने पुरुष 10 किमी दौड़ में सिल्वर मेडल हासिल किया। ईशरानी सिन्हा ने महिला 10 किमी वर्ग में गोल्ड अपने नाम किया। सानिया सिन्हा ने महिला 5 किमी वर्ग में गोल्ड मेडल जीता।