_m.webp)
नईदुनिया प्रतिनिधि,ग्वालियर। मदरसा दारूल कुरआन मामले में अब छह सदस्यीय विशेष टीम बाल अधिकार सरंक्षण आयोग और बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट पर आगे बढ़ेगी। पहले इन रिपोर्टों का अध्ययन किया जाएगा और उसके बाद आगामी जांच होगी।
समिति के सदस्य इस सप्ताह में जांच पड़ताल को आगे बढ़ा सकते हैं। इस मामले में सभी विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है। मप्र राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग और बाल कल्याण समिति की रिपोर्ट के बाद कलेक्टर के निर्देश पर यह समिति बनाई गई है।
इस समिति को जिला पंचायत सीईओ सोजान सिंह रावत लीड करेंगे और साथ ही एसडीएम, सीएसपी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी व श्रम अधिकारी शामिल हैं।
26 बच्चों का किया गया था रेस्क्यू
बता दें कि, मदरसा दारूल कुरआन में मप्र राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई के बाद रेस्क्यू किए गए 26 बच्चों को ग़ृहों में रखवाया गया और इसके बाद सत्यापन की प्रक्रिया के बाद माता पिता को सौंपा गया।
बाल कल्याण समिति ने मदरसा दारूल कुरआन के मामले में अपनी जांच रिपोर्ट जिला कलेक्टर और महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में बालक एवं बालिकाओं के साथ मारपीट किए जाने, अवैध ढंग से रखे जाने से लेकर भूखा रखने सहित कई बिंदु शामिल किए गए हैं।
यह भी पढ़ें- ग्वालियर का डिजिटल ब्लैकमेलिंग मकड़जाल, AI से अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर बदनामी, टेलीग्राम से चल रहा नेटवर्क
मदरसा संचालकों पर हो सकती है कार्रवाई
रिपोर्ट में बाजी नजमा, साबिर और अनस के साथ साथ पढ़ाने वाले जावेद,मोहम्मद शाकिर के भी नाम हैं। जिला प्रशासन के निर्देश पर अब इस मामले में वैधानिक कार्रवाई के तहत एफआइआर की जाएगी। वहीं मदरसा की मान्यता व दस्तावेज के बिंदु को भी समिति ने प्रमुखता से शामिल किया है जिसमें मदरसा संचालकों पर कार्रवाई हो सकती है।
मदरसे में बच्चियों के साथ क्ररता होती थी। बाजी और उसके बेटे-बेटी मारपीट करते थे। बच्चियों को पढ़ाई से दूर रखा जाता था, बच्चियां जमीन पर सोती थीं। बालकों के शौचालय में दरवाजे नहीं थे। एक-एक कमरों में बच्चों को रखा जाता था। मप्र राज्य बाल अधिकार सरंक्षण आयोग की दारूल कुरआन मदरसे के मामले में मंगलवार को जारी हुई रिपोर्ट में यह सामने आया।
यह भी पढ़ें- Weather Update: ग्वालियर में 'अर्णब' के बाद फिर चढ़ा पारा, प्रदेश के पांच गर्म शहरों में शामिल