अचलेश्वर महादेव न्यास चुनाव की तारीख तय, 11 अक्टूबर को होगा मतदान, ग्वालियर हाई कोर्ट बेंच ने दिया आदेश
न्यास के जिन पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायतें लंबित हैं, वे मतदान तो कर सकेंगे, लेकिन किसी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
Publish Date: Wed, 09 Sep 2026 10:52:47 AM (IST)Updated Date: Wed, 09 Sep 2026 10:54:08 AM (IST)
अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास (फाइल फोटो)HighLights
- अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास चुनाव
- 11 अक्तूबर को किया जाएगा मतदान
- पूर्व पदाधिकारी नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
डिजिटल टीम, ग्वालियर। अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास के चुनाव में इस बार पुराने पदाधिकारियों की वापसी नहीं होगी। कोर्ट ने आदेश दिया है कि न्यास के जिन पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायतें लंबित हैं, वे मतदान तो कर सकेंगे, लेकिन किसी पद के लिए चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
चुनाव प्रक्रिया को लेकर पक्षकारों के बीच हुई सुनवाई में इस बिंदु पर सहमति बनी है। इसके साथ ही न्यास के पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के चुनाव की तारीख भी तय कर दी गई है। चुनाव 11 अक्टूबर को होंगे। कोर्ट के इस निर्णय के बाद आदेश की कापी प्रशासन व पुलिस को भी भेज दी गई है।
प्रकरण में पक्षकारों के तर्क सुनने के बाद वर्ष 2005 में तत्कालीन जिला न्यायाधीश एससी व्यास द्वारा दिए गए निर्णय और न्यास के लिए पूर्व में स्वीकृत नियमावली को आधार बनाया गया।
आदेश के अनुसार कार्यकारी न्यासी, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष सहित न्यास मंडल और कार्यकारिणी के सदस्यों का चुनाव दो वर्ष की अवधि के लिए कराया जाएगा। सुनवाई के दौरान पक्षकारों ने तर्क दिया कि न्यास के कुछ पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायतों को लेकर मामला चल रहा है।
डिप्टी कलेक्टर और सीएसपी रहेंगे पर्यवेक्षक
चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए डिप्टी कलेक्टर और सीएसपी थाना कंपू को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। पूरी चुनाव प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। चुनाव पूरा होने के बाद निर्वाचित पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को विधिवत कार्यभार सौंपा जाएगा।
पूरी प्रक्रिया मुख्य न्यासी/कलेक्टर की देखरेख में संपन्न होगी। प्रकरण में याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता सरनाम सिंह कुशवाह, राघवेंद्र सिंह तोमर और मनोज भार्गव और नरेंद्र कुमार सिंघल की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ गर्ग उपस्थित हुए।
अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास की ओर से अध्यक्ष हरिदास अग्रवाल स्वयं उपस्थित रहे। शासन की ओर से अधिवक्ता गजेंद्र साहू मौजूद रहे। मामले में अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को प्रतिवेदन और लंबित आवेदनों पर जवाब एवं तर्क के लिए होगी।