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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Drugs Smuggling: करोड़ो युवाओं की नसों में बस रहा नशा, तस्करी में नेता-सिपाही तक शामिल

बीते दो वर्षों में शहर में लगभग 151 नशा तस्करी के मामले न्यायालय तक पहुंच चुके हैं, जिनमें सिर्फ 24 मामलों में ही सजा हुई है। सबसे बड़ी सजा 10 साल की ...और पढ़ें

By Paras PandeyEdited By: Paras Pandey
Publish Date: Mon, 12 Feb 2024 04:32:12 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Feb 2024 04:32:12 PM (IST)
Drugs Smuggling: करोड़ो युवाओं की नसों में बस रहा नशा, तस्करी में नेता-सिपाही तक शामिल
शहर में बढ़ रही स्मैक-गांजे की तस्करी, जिला अदालत में दो साल में आए 151 नशा तस्करी के मामले 24 को सजा

विक्रम सिंह तोमर, ग्वालियर। शहर में नशे की तस्करी पर रोक लगाना मुश्किल होता दिख रहा है। लगातार बढ़ रहे नशा तस्करी के मामले अब चिंता में ड़ाल रहे हैं। शहर में नशा तस्करी किस कदर बढ़ चुकी है इसका अंदाजा जिला न्यायालय की एनडीपीएस कोर्ट में चल रहे एनडीपीएस के मामलों को देखकर लगाया जा सकता है।

बीते दो वर्षों में शहर में लगभग 151 नशा तस्करी के मामले न्यायालय तक पहुंच चुके हैं, जिनमें सिर्फ 24 मामलों में ही सजा हुई है। सबसे बड़ी सजा 10 साल की जेल और एक लाख रुपये के जुर्माने की है।


शहर में नशे की खपत की बात करें तो सबसे ज्यादा तस्करी नशीले पदार्थ गांजे की होती है, इसके बाद स्मैक की भी खेप शहर में उतारी जा रही है। मादक पदार्था बाहरी राज्यों से भी शहर में लाए जाते हैं।

कमाल की बात यह है कि ऐसे मामलों में पकड़े जाने वाले तस्करों में शहर के बीजेपी नेता, बीटेक किया हुआ इंजीनियर और एक पुलिस का आरक्षक भी गिरफ्तार किया जा चुका है। करोड़ों रुपये के स्मैक और गांजा शहर में लाकर युवाओं की नसों में घोला जा रहा है। यह नशा तस्करी से शुरू होकर कई जघन्य अपराधों का कारण बनता है।

बीते दो वर्ष में स्थिति

वर्ष - दर्ज मामले 2022 - 772023 - 74-2023 में 64 मामलों में फैसले, जिसमें 24 में सजा

बीते दो वर्षों की बड़ी कार्यवाही

क्राइम ब्रांच ने वर्ष 2022 में लगभग एक करोड़ की कीमत वाला 960 किलो गांजे का भरा हुआ ट्रक पकड़ा, जिसमें मुरैना और आगरा के तस्कर गिरफ्तार किए। क्राइम ब्रांच ने एक करोड़ की कीमत का लगभग एक किलो स्मैक संजय नगर से बरामद किया, जिसमें चार आरोपितों को भी दबोचा था।

जयपुर से आए 45 वर्ष के एक तस्कर को शहर के बस स्टैंड से साढ़े 55 लाख रुपये की 550 ग्राम स्मैक के साथ क्राइम ब्रांच ने 2022 में हिरासत में लिया था।

नेता से लेकर सिपाही तक बने तस्कर

बीजेपी नेता को 38 लाख के डोडा चूरा की तस्करी में पकड़ा घाटीगांव सर्किल के थाना मोहना पुलिस ने सितंबर 22 में एक ट्रक पकड़ा था, जिनमें 19 क्विंटल डोडा चूरा भरा हुआ था, जिसकी कीमत 38 लाख रुपये थी। पुलिस ने जब इसके ड्राइवर संदीप तोमर और क्लीनर राम नारायण तोमर को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने बीजेपी नेता विवेक पोरवाल का नाम लिया था।

उसने इस डील के बदले विवेक द्वारा किए गए भुगतान के भी सबूत पेश किए थे, जिसके बाद पुलिस ने कार्यवाही करते हुए बीजेपी नेता को गिरफ्तार कर लिया।

15 किलो गांजे के साथ पकड़ा पुलिस आरक्षक

ग्वालियर के पूर्व एसपी अमित सांघी को सूचना मिली कि दतिया की तरफ से आती हुई एक बोलेरो में मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर नाकाबंदी की गई। गाड़ी आई, पुलिस को देखकर ड्राइवर ने गाड़ी भगाने की कोशिश की , पुलिस ने उसे दबोच लिया।

गाड़ी में 2 लोग मिले,जिनमें से एक का नाम दीप धाकड़ निवासी भानगढ़ था तो दूसरे का नाम आकाश धाकड़ बताया गया। इनके पास से तलाशी लेने पर 15 किलो के लगभग गांजा मिला। इस मामले में पकड़ा गया व्यक्ति आकाश धाकड़ ग्वालियर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में आरक्षक के पद पर पदस्थ था।

जो कार्रवाई करे उसे धाराओं का ज्ञान हो

जिला न्यायालय की एनडीपीएस कोर्ट के अतिरिक्त लोक अभियोजक धर्मेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि बीते समय में लगातार नशा तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं,जिसे न्यायालय में भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। ऐसे में जरूरी है कि जो दल इसमें कार्रवाई करे उसे एनडीपीएस की प्रमुख धाराओं जैसे धारा 50, धारा 42 और धारा 57 का ज्ञान होना चाहिए।