MP के हाइवे होंगे स्मार्ट, स्ट्रीट लाइटें अब कंट्रोल रूम से होंगी संचालित; खराबी की तुरंत मिलेगी सूचना
मध्य प्रदेश में नेशनल हाइवे और एक्सप्रेसवे की स्ट्रीट लाइटें स्मार्ट होंगी। सीसीएमएस से रियल टाइम निगरानी, रिमोट संचालन, खराबी की सूचना और बिजली खपत क...और पढ़ें
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 09:44:34 AM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 10:01:15 AM (IST)
MP के हाइवे होंगे स्मार्ट। (फाइल फोटो)HighLights
- नेशनल हाइवे की स्ट्रीट लाइटें स्मार्ट सिस्टम से जुड़ेंगी।
- सीसीएमएस से लाइटों की रियल टाइम निगरानी होगी।
- खराब लाइट की सूचना कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी।
प्रियंक शर्मा, नईदुनिया। मध्यप्रदेश में अब नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस वे की स्ट्रीट लाइटों को स्मार्ट किया जाएगा। नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआइ) के निर्देशों के पालन में अब ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, जबलपुर, छतरपुर, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, रीवा, रतलाम, सागर, उज्जैन और विदिशा जैसे शहरों से गुजरने वाले नेशनल हाइवे में नया केंद्रीयकृत स्ट्रीट लाइटिंग सिस्टम लगने जा रहा है।
अभी तक सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर ये लाइटें बंद चालू होती हैं। खराब होने पर इनकी जानकारी भी तभी लग पाती है, जब पेट्रोलिंग वाहन पहुंचते हैं। अब नए सिस्टम से इन लाइटों को रिमोट के माध्यम से बंद व चालू किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रत्येक लाइट केंद्रीय नियंत्रण एवं निगरानी प्रणाली (सीसीएमएस) के दायरे में रहेगी।
स्ट्रीट लाइट बंद होने पर कंट्रोल रूम में पैनल पर आने लगेगी नजर
- जैसे ही कोई स्ट्रीट लाइट बंद होगी, वह कंट्रोल रूम में पैनल पर नजर आने लगेगी। सीसीएमएस का वेब आधारित केंद्रीय सर्वर सभी कारिडोर की लाइटों का डेटा लेकर उसे सुरक्षित रखेगा। सिस्टम में नक्शे पर लोकेशन के साथ हर लाइट की स्थिति एक मैप पर देखी जा सकेगी। प्रत्येक कारिडोर पर स्ट्रीट लाइटों को अलग-अलग कंट्रोल बाक्स से जोड़ा जाएगा।
- यही बाक्स स्ट्रीट लाइट खराब होने की सूचना लोकेशन के साथ कंट्रोल रूम तक पहुंचाएगा, जिससे मैप पर स्ट्रीट लाइट बुझी नजर आएगी। सूचना पहुंचाने के लिए 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि तेज गति से डेटा शेयर हो सके। इसके लिए एनएचएआइ के भोपाल स्थित रीजनल कार्यालय से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें चयनित एजेंसी को ये सिस्टम तैयार करने के साथ ही पांच साल तक उसका रखरखाव भी करना होगा।
बिजली की खपत पर भी नजर
- हर सीसीएमएस फीडर पैनल में थ्री-फेज ऊर्जा मीटर लगाया जाएगा। इससे वोल्टेज, करंट, पावर फैक्टर, ऊर्जा खपत और लाइटों के संचालन से जुड़े आंकड़े रिकार्ड किए जा सकेंगे। सिस्टम विद्युत आपूर्ति बाधित होने, वोल्टेज या करंट में गड़बड़ी, फीडर ट्रिप होने और अन्य तकनीकी समस्याओं की जानकारी भी देगा।
- नेटवर्क फेल होने या तकनीकी गड़बड़ी के बावजूद स्ट्रीट लाइटें संचालित होती रहेंगी। सीसीएमएस में स्वतंत्र हार्डवेयर टाइमर का प्रविधान किया गया है। इसके अलावा पावर फेलियर के दौरान सिस्टम की रियल टाइम क्लाक और इवेंट लाग का बैकअप भी रहेगा।
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मुख्यालय के केंद्रीय सर्वर से जुड़ेगा सिस्टम
इस सिस्टम में साइबर सिक्योरिटी को भी शामिल किया गया है। इसमें हेकिंग डिटेक्शन, सेल्फ-हीलिंग मैकेनिज्म और फेल-सेफ आपरेशन का प्रविधान है। सिस्टम को एनएचएआइ के केंद्रीय सर्वर से सुरक्षित माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे केंद्रीय स्तर पर निगरानी, रिपोर्टिंग और डेटा मैनेजमेंट किया जा सकेगा। स्ट्रीट लाइटिंग में खराबी या संचार व्यवस्था बाधित होने पर एजेंसी को अधिकतम 48 घंटे में सिस्टम बहाल करना होगा।
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स्ट्रीट लाइट की हो सकेगी रियल टाइम निगरानी
प्रदेश के हाइवे और एक्सप्रेस वे की स्ट्रीट लाइटों को सीसीएमएस सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके लिए हमने टेंडर जारी किए हैं। सीसीएमएस से जुड़ने के बाद प्रत्येक स्ट्रीट लाइट की रियल टाइम निगरानी हो सकेगी। अजय कुमार स्वामी, जनरल मैनेजर एनएचएआइ भोपाल