
नईदुनिया प्रतिनिधि, दतिया। नेशनल लोक अदालत कितनी उपयोगी साबित होती है, इसका अंदाजा पक्षकारों को दतिया में उस समय लगा जब तीन साल पुराना एक 33 लाख का दुर्घटना क्लेम केस न्यायाधीशों की समझाइश के बाद मात्र एक रुपये में निपट गया। इसके बाद दोनों पक्षकारों में राजीनामा करा दिया गया।
नेशनल लोक अदालत में यह सबसे चर्चित प्रकरण रहा। जिसमें 14 नवंबर 2023 को राजू कुशवाहा और अरविंद पाल निवासीगण दतिया की बाइकें आपस में रिछरा तिराहा पर टकरा गई थी, घटना में अरविंद पाल की मृत्यु हो गई थी और राजू गंभीर रुप से घायल हो गया। घटना के बाद राजू द्वारा मृतक अरविंद की पत्नी पूजा पाल के विरुद्ध दतिया न्यायालय में 33 लाख क्लेम की याचिका प्रस्तुत की गई थी। मामला लोक अदालत में पहुंचा।
एक रुपये में राजीनामा तय
जिसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्र एवं सविता जड़िया अतिरिक्त मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के समक्ष पक्षकारों को समझाइश दी कि वैसे भी प्रकरण में दूसरा पक्षकार अरविंद इसी दुर्घटना में जान गंवा चुका है, जिसके बाद मामले में अब उसकी पत्नी पक्षकार हो गई है।
जिसकी आर्थिक स्थिति भी सामान्य है, पति की असमय मृत्यु का दुख भी वह झेल रही है। ऐसे में आपसी समझौता कर निराकरण कर लेना चाहिए।
न्यायाधीशों की इस समझाइश से सहमत होकर राजू कुशवाह ने आपसी सहमति से एक रुपये में राजीनामा करना तय कर लिया। इस तरह एक बड़ा क्लेम केस बिना किसी विवाद के निराकृत हो सका। अभी तक के इतिहास में दतिया में पहली बार एक रुपये में किसी के लिए प्रकरण में राजीनामा हुआ है।
931 प्रकरणों का निस्तारण
वहीं, नेशनल लोक अदालत में न्यायालय में लंबित कुल 931 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इस दौरान कुल 122 प्रिलिटिगेशन प्रकरण निराकृत हुए।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्र के मार्गदर्शन में शनिवार 12 सितंबर को जिला न्यायालय परिसर दतिया में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में जिला एवं तहसील स्तर पर प्रकरणों के निराकरण के लिए 20 खंडपीठ का गठन किया गया था।
नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटीगेशन प्रकरणों में बैंक ऋण वसूली के तीन हजार प्रकरण रखे गए थे। जिसमें से आठ प्रकरणों का निराकरण करते हुए 11 लाख 8 हजार 500 समझौता राशि से 12 व्यक्तियों को लाभांवित किया गया। विधुत बिल के सभी 107 प्रकरणों का निराकरण का 13 लाख 95 हजार 342 रुपये की राशि से हुआ।
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जलकर के 200 प्रकरणों में से नौ का का निराकरण का तीन लाख 28 हजार 271 रुपये की राशि से किया गया। न्यायालय में लंबित प्रकरणों में मोटर दुर्घटना क्लेम के 26 प्रकरण रखे गए थे। जिसमें से सभी 26 प्रकरणों का निराकरण का दो करोड़ 14 लाख 4 हजार 566 रुपये की राशि से किया गया। धारा 138 एनआइएक्ट के 93 में से 90 प्रकरणों का निराकरण दो करोड़ 52 लाख 90 हजार 250 रुपये की राशि से हुआ।
राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरण 234 में से 232 का निराकरण छह लाख 19 हजार रुपये की राशि से हुआ, विधुत बिल के 226 प्रकरणों में से सभी का निराकरण 39 लाख 95 हजार 73 रुपये की राशि से हुआ। वैवाहिक विवाद प्रकरण के 107 में से 104 का निराकरण 35000 रूपये की राशि से हो सका।
अन्य दीवानी 12 प्रकरणों में से सभी का निराकरण 85 लाख 26 हजार 395 रुपये की राशि से हुआ। ट्रेफिक चालान के 207 प्रकरणों का निराकरण का 34 हजार 900 रुपये की राशि से हुआ। अन्य 35 प्रकरणों में से 34 का निराकरण कर एक लाख 51 हजार रुपये की राशि से किया गया।
वहीं, कुटुंब न्यायालय ने समझाइश देकर पति-पत्नी के विवादों का निराकरण कराया। बाक्सभांडेर में लगी लोक अदालतभांडेर में आयोजित हुए नेशनल लोक अदालत में कई प्रकरणों का निपटारा हुआ। जिनमें न्यायाधीश श्रीकृष्ण बुखारिया ने 80 प्रकरणों में से 77, न्यायाधीश दीक्षा तनेजा ने 62 में से 62 और कनिष्ठ न्यायाधीश शिवांगी भट्ट ने 26 में से 20 प्रकरणों का निपटारा किया।