
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर के 66 वार्डों में से कई वार्डों में इन दिनों दूषित पानी की गंभीर समस्या है। इस कारण घरों के नलों से गंदा, बदबूदार और सीवरयुक्त पानी आने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। गंदे पानी के कारण लोगों को उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और बुखार जैसी बीमारियां हो रही हैं।
वार्ड क्रमांक 19 में इस पानी के कारण अब तक 30 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। वार्ड 16 में अमृत योजना के तहत पाइप लाइन डाली जा रही है, इस कारण वहां भी दूषित पानी की समस्या बरकरार है। वार्ड 17 में सुबह जब भी नल आते हैं तो लोगों को पहले कुछ बाल्टी पानी बहाना पड़ता है, उसके बाद भरना पड़ता है।
सीवर लाइनें जर्जर
सबसे ज्यादा हालत खराब पुराने बसावट वाले वार्डों में हैं, जहां सीवर लाइनें जर्जर हो चुकी हैं। कई स्थानों पर पानी के पाइप और सीवर लाइन साथ-साथ गुजर रही हैं। पाइप फूटने या जोड़ ढीले होने से सीवर का पानी सीधे पानी में मिल रहा है। वार्ड के रहवासियों ने नगर निगम और जल विभाग में कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है। इस कारण लोगों को टैंकर व आरओ के कैंपर मंगाने पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि इन शिकायतों को नगर निगम की बैठकों में पार्षदों ने खुद लिखकर दिया है।
वार्ड 12 में अमृत योजना की पाइप लाइन पर खतरे की घंटी
वार्ड क्रमांक 12 में अमृत योजना के तहत बिछाई जा रही नई पानी की पाइप लाइन को लेकर वार्डवासियों में चिंता बनी हुई है। क्षेत्र में पहले से मौजूद पुरानी और जर्जर सीवर लाइन कई स्थानों पर टूट चुकी है। यदि नई पानी की पाइप लाइन भविष्य में कहीं भी लीकेज होती है, तो सीवर का गंदा पानी सीधे पानी की लाइन में मिल सकता है। खुदाई के दौरान कई जगह पुरानी सीवर पाइप क्षतिग्रस्त हो गई है, लेकिन उनकी मरम्मत या बदलाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। केवल नई पानी की लाइन डालकर काम पूरा करने की जल्दबाजी आने वाले समय में कई समस्याएं खड़ी कर सकती है।
वार्ड 19 में दूषित पानी और सीवर से 34 से अधिक बीमार
वार्ड क्रमांक 19 की पुरुषोत्तम विहार सहित कई कॉलोनियों में दूषित पानी और सीवर की समस्या गंभीर होती जा रही है। पार्षद के अनुसार अब तक 34 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं। बीमार लोगों में से एक व्यक्ति की मौत की जानकारी भी सामने आई है। कई इलाकों में अब तक पानी की पाइप लाइन नहीं बिछाई गई है, इसलिए लोग बोरिंग के पानी का उपयोग कर रहे हैं। सीवर ओवरफ्लो होने पर गंदा पानी बोरिंग और घरों तक पहुंच रहा है। वर्षा के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं।
वार्ड 38 में सीवर उफान पर, फूटी पाइप लाइन से घरों में पहुंच रहा दूषित पानी
वार्ड क्रमांक 38 की श्रीराम कॉलोनी और जनकपुरी एकता कॉलोनी में सीवर लाइन उफान पर है और पानी की पाइप लाइन कई स्थानों पर फूटी हुई है। इसके कारण सीवर का गंदा पानी पानी की लाइन में मिल रहा है। यह समस्या पिछले एक महीने से बनी हुई है। कई लोग दूषित पानी पीने से बीमार हो चुके हैं। बच्चों और बुजुर्गों में उल्टी-दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायतें सामने आ रही हैं।
एनएबीएल से मान्यता नहीं, सारे सैंपलों की रिपोर्ट ओके
पिछले चार दिनों में नगर निगम के पीएचई अमले ने शहर से 70 से अधिक सैंपल लिए हैं। इनकी जांच मोतीझील और जलालपुर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की लैबों में की जा रही है, लेकिन दोनों लैबों को नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फार टेस्टिंग एंड केलिब्रेशन लैबोरेट्रीज (एनएबीएल) की मान्यता नहीं है। निगम का दावा है कि सभी सैंपलों की रिपोर्ट ओके आई है, जबकि इन लैबों में केवल 10 मानकों पर जांच होती है, जबकि कुल 50 मानक होते हैं। इकोलाइ बैक्टीरिया की रिपोर्ट आने में 72 घंटे लगते हैं। निगमायुक्त संघ प्रिय के अनुसार मोतीझील स्थित लैब को अपग्रेड करने की प्रक्रिया चल रही है और इसके टेंडर भी हो चुके हैं।
यह बोले रहवासी
अंकित, निवासी, वार्ड 12 ने कहा कि वार्ड 12 में अमृत योजना के तहत पानी की पाइप लाइन डाली जा रही है। बैकहो लोडर मशीन से खोदाई के दौरान सीवर पाइप टूट रहे हैं, जिससे भविष्य में गंदा पानी लाइन में मिल सकता है।
सुमित, निवासी, वार्ड 12 बताते हैं कि काम इतनी तेजी से किया जा रहा है कि यह भी नहीं देखा जा रहा कि कहां पुरानी सीवर लाइन है। अधिकांश घरों के सीवर पाइप टूट गए हैं।
रामेश्वर परिहार, निवासी, वार्ड 38 का कहना है कि हमारे वार्ड में पाइप लाइन फूटी हुई है और पास ही सीवर ओवरफ्लो हो रहा है, जिससे घरों में गंदा पानी आ रहा है।
गयसू बाई, निवासी, वार्ड 38 बताते हैं कि पिछले एक माह से पाइप लाइन फूटी है, कीचड़ जमा है, मेरा बेटा फिसलकर गिर गया और उसकी तबीयत खराब है।
उद्देश्य सिंह भदौरिया, अध्यक्ष, पुरुषोत्तम विहार कॉलोनी का कहना है कि सीवर ओवरफ्लो के कारण बोरिंग का पानी भी दूषित हो गया है।
राजू तोमर, निवासी, वार्ड 19 बताते हैं कि वर्षा में सीवर की समस्या बढ़ जाती है। दूषित पानी पीने से मेरी तबीयत खराब हो गई थी।
अधिकारियों का क्या कहना
संघ प्रिय, आयुक्त, नगर निगम का कहना है कि गंदे पानी से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। समस्याओं का तत्काल प्रभाव से निराकरण भी कराया जा रहा है। पार्षदों द्वारा बताई गई समस्याओं का भी जल्द से जल्द निराकरण कराया जाएगा।