
डिजिटल डेस्क। ग्वालियर के आंतरी स्थित सांतऊ गांव का प्राचीन शीतला माता मंदिर उस खौफनाक रात के बाद अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है। भले ही श्रद्धालुओं के दिलों में हादसे का डर अभी भी ताजा है, लेकिन मां शीतला के प्रति उनका अटूट विश्वास डगमगाया नहीं है। यही वजह है कि अष्टमी और नवमी के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के अलावा राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
हालांकि, भीड़ आम दिनों के मुकाबले थोड़ी कम है। गौरतलब है कि शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक बेलगाम और ओवरलोड ट्रक ने नो-एंट्री तोड़कर मंदिर परिसर में कहर बरपाया था, जिसमें बच्चों सहित 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और 42 लोग घायल हो गए।
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रविवार की देर शाम जब मुरैना के पैतृक गांव में चाचा और दोनों मासूम भतीजों की अर्थियां एक साथ उठीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें छलक पड़ीं और पूरे गांव में मातम पसर गया। इस हादसे का असर पूरे अंचल में दिखा है। थाटीपुर के गल्ला कोठार स्थित दो अलग-अलग श्मशान घाटों पर भी एक साथ कई अंतिम संस्कार किए गए। शिवपुरी, श्योपुर और बड़ागांव में भी गमगीन माहौल के बीच मृतकों को अंतिम विदाई दी गई।
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