
नवदुनिया प्रतिनिधि, हरदा। देवास जिले के खातेगांव थाने के टीआइ दिलीप पुरी की इंदौर-बैतूल हाईवे पर शराब से भरे ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। इससे हरदा जिले के टिमरनी में हड़कंप मच गया है। पाटेन्द्र कुमार जायसवाल के लाइसेंस पर संचालित हरदा जिले के टिमरनी की दो और रहटगांव की एक शराब दुकान सील की गई। वहीं तीनों दुकानों का लाइसेंस रद करने की तैयारी की जारी रही है।
वहीं पाटेन्द्र जायसवाल के मैनेजर भूपेंद्र सिंह राणा सहित शराब दुकानों से की गई गिरफ्तारी को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग ने चुप्पी साध ली है। बताया जा रहा है कि यह ट्रक हरदा जिले के टिमरनी से रवाना हुआ था। हादसे के बाद शराब परिवहन और दुकान के संचालन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
सोमवार सुबह एएसपी अमित मिश्रा, तहसीलदार देवशंकर धुर्वे, आबकारी अधिकारी सुनील भोजने और टीआई मुकेश गौड़ राधाबाई की पुलिया के पास स्थित शराब दुकान पर स्टाक की जांच करने पहुंचे थे। इसी दौरान टीआइ दिलीप पुरी के साथ हुए हादसे की खबर सामने आई।
इस मामले में युवक कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राहुल जायसवाल का नाम भी शराब दुकान के संचालन से जोड़कर सामने आया। राहुल ने स्पष्ट किया कि उनके पास शराब का ठेका या लाइसेंस नहीं है। उनके मुताबिक शराब का ठेका बड़वानी निवासी पाटेंद्र जायसवाल के पास है, जबकि भूपेंद्र सिंह राणा मैनेजर हैं। राहुल ने बताया कि उनका मुख्य कारोबार बस और पेट्रोल पंप संचालन का है।
पुलिस ने शराब ठेकेदार के मैनेजर भूपेंद्र सिंह राणा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। वहीं, कुछ सूत्रों के अनुसार टिमरनी के सोडलपुर रोड स्थित शराब दुकान से ट्रक में शराब भरकर रवाना की गई थी। प्रशासन इस पूरे मामले की पुष्टि और जांच में जुटा है।
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