Indore Water Crisis: भागीरथपुरा में 22वीं मौत, एमवाय अस्पताल के ICU में थी भर्ती, 1 महीने पहले आई थी रहने
Indore water: शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के कारण 22वीं मौत की जानकारी सामने आयी है। उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद 59 वर्षीय महिला एमवाय अस्प ...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Jan 2026 03:08:52 AM (IST)Updated Date: Mon, 12 Jan 2026 03:14:03 AM (IST)
नहीं थम रहा मौतों का सिलसिलाHighLights
- भगीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से एक और मौत
- 1 महीने पहले ही इलाके में रहने आयी थी महिला
- उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद इलाज के दौरान मौत
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीमारी से 22वीं मौत की पुष्टि हुई है। नयापुरा जीवन की फेल, भागीरथपुरा में रहने वाली 59 वर्षीय कमलाबाई की एमवाय अस्पताल (एमवायएच) के आईसीयू में उपचार के दौरान मौत हो गई। उल्टी दस्त से मौत होने की जानकारी सामने आई है।
मकान मालिक मनोज कुमार के अनुसार कमलाबाई करीब एक माह पहले अपने पति तुलसीराम के साथ उनके मकान में किराए से रहने आई थीं। दोनों पति-पत्नी मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे थे। 6 जनवरी को कमलाबाई को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई, जिस पर उन्हें भागीरथपुरा स्थित संजीवनी क्लिनिक में दिखाया गया। वहां प्राथमिक उपचार कर दवाईयां देकर घर भेज दिया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम क्षेत्र में पहुंची और मरीज को ओआरएस व कुछ गोलियां दीं, लेकिन तबीयत में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
हालत लगातार बिगड़ने पर 7 जनवरी को परिजन उन्हें एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया। तमाम प्रयासों के बावजूद 9 जनवरी की सुबह कमलाबाई ने दम तोड़ दिया।
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अब भी 12 से ज्यादा मरीज ICU में
गौरतलब है कि इंदौर के भागीरथपुरा में मौतों का मामला नहीं थम रहा है। नलों से आ रहे दूषित पानी पीने के कारण इससे 21 लोगों की मौत हो चुकी हैं। वहीं अभी भी क्षेत्र से रोजाना 15 से अधिक मरीज उल्टी-दस्त के सामने आ रहे हैं।
40 से अधिक मरीज अभी भी अस्पतालों में भर्ती है, वहीं 12 से अधिक मरीज आईसीयू में है। चार मरीज करीब सप्ताहभर से वेंटीलेटर पर है, उनमें कोई खास सुधार नहीं आ रहा है। स्वजन सुबह से शाम अस्पतालों में अपने मरीज के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।