
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण होने वाली मौत का सिलसिला रुक नहीं रहा है। रोजाना अस्पताल में भर्ती मरीजों की मौत की सूचना सामने आ रही है। सोमवार को बांबे अस्पताल में भर्ती 72 वर्षीय भगवानदास पुत्र तुकाराम भामे निवासी इमली वाली गली, भागीरथपुरा की मौत हो गई। यह दूषित पानी के कारण होने वाली 23वीं मौत है।
स्वजन ने बताया कि 30 दिसंबर की रात उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। रात 11.30 बजे वर्मा नर्सिंग होम लेकर गए, यहां बेड नहीं मिलने पर उन्हें शैल्बी अस्पताल में भर्ती करवाया। इसके कुछ घंटों बाद उन्हें हार्ट अटैक आ गया। हालत बिगड़ने पर तीन जनवरी को प्रशासन ने उन्हें बांबे अस्पताल में शिफ्ट करवाया था। 13 दिन तक वह अस्पताल में बीमारी से लड़े, लेकिन अंत में वह हार गए।
साथ ही बताया कि वर्ष 2022 में उनके हार्ट का बायपास सर्जरी हुआ था। भगवानदास का अंतिम संस्कार सोमवार शाम करीब पांच बजे हुआ। जैसे ही उनकी अर्थी निकली तो परिवार फूट-फूटकर रोने लगा। बेटी नागपुर से पिता के अंतिम संस्कार में आई थी। वह रोते हुए कहने लगी कि पापा आखिरी बार मुझसे बात करलो।
अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जब उन्हें बांबे अस्पताल यहां लाया गया तो उस दौरान कार्डियक अरेस्ट आया था। इसपर सीपीआर देकर उन्हें फिर वेंटिलेटर पर लिया गया था। उन्हें गैंग्रीन सहित मल्टी ऑर्गन्स फेल्योर जैसी तकलीफ थी।
करीब चार मरीज अभी भी बांबे अस्पताल में वेंटिलेटर पर है। करीब 10 दिन से इन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हो रहा है। इसी प्रकार करीब 13 मरीज अभी भी आईसीयू में भर्ती है।
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महालक्ष्मी नगर के रहवासी पिछले 4 वर्षों ने नलों में दूषित पानी आने से परेशान है। सोमवार को भी कॉलोनी में मटमैले रंग का पानी आया है। रहवासी ब्रजेश पचौरी, अमित त्रिवेदी का कहना है कि हमने निगम के अफसरों को इस बारे में कई बार शिकायत पूर्व में की। इसके बाद भी दूषित पानी की समस्यां हल नहीं हो रही है। इस कॉलोनी में ड्रेनेज लाइन और नर्मदा लाइन सड़क के एक ओर ही है। इस वजह से ड्रेनेज पाइप के लीकेज होने पर नर्मदा का पानी दूषित होता है। निगम को पूर्व में जब भी शिकायतें की गई। उन्होंने कुछ स्थानों पर पाइप लाइन रिपेयर की लेकिन हमारी दूषित पानी की समस्यां अब तक हल नहीं हुई।