• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • इंदौर

भागीरथपुरा त्रासदी: बीत गई तेरहवीं, शांत हो गए चूल्हे... जानें उन परिवारों का हाल जिन्होंने खोया सब कुछ

भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई कई लोगों की मौत को 10 से 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी क्षेत्र के घरों में मातम खत्म नहीं हुआ है। समय ने आगे बढ़ने...और पढ़ें

By Vinay YadavEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Mon, 12 Jan 2026 07:43:48 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Jan 2026 07:43:47 PM (IST)
भागीरथपुरा त्रासदी: बीत गई तेरहवीं, शांत हो गए चूल्हे... जानें उन परिवारों का हाल जिन्होंने खोया सब कुछ
भागीरथपुरा त्रासदी: AI Generated

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई कई लोगों की मौत को 10 से 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी भी क्षेत्र के घरों में मातम खत्म नहीं हुआ है। समय ने आगे बढ़ने की कोशिश जरूर की है, मगर जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके लिए हर दिन वही दर्द दोबारा लौट आता है। तेहरवीं और अन्य धार्मिक रस्में पूरी हो चुकी हैं, फिर भी दिलों में जख्म जस का तस बना हुआ है। क्षेत्र की गलियों में आज भी उदासी पसरी हुई है।

हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी बदल दी

कई लोगों ने अचानक अपने जीवनसाथी, माता-पिता या बच्चों को खो दिया, उन्हें यह मानना बेहद मुश्किल हो रहा है कि उनका अपना अब इस दुनिया में नहीं है। अचानक हुए इस हादसे ने कई परिवारों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। किसी घर में पत्नी तो किसी घर में पति अकेला रह गया है। परिवार के लोगों का कहना है कि जिन लोगों की जान गई, वे सभी पूरी तरह स्वस्थ थे। रोजमर्रा की जिंदगी जी रहे थे, काम पर जा रहे थे, घर-परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे थे। दूषित पानी पीने के बाद अचानक उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हुई थी।


मंजूला की मौत के बाद अकेले पड़े दिगंबर

भागीरथपुरा स्थित गणेश मंदिर के पास रहने वाली मंजूला की 30 दिसंबर को मौत हुई थी। पति दिगंबर अब अकेले पड़ गए हैं। पांच बेटियां हैं, सभी की शादी हो गई है। तीन बेटी अन्य राज्य में रहती हैं और दो इंदौर रहती हैं। पत्नी के साथ खुशहाल जीवन चल रहा था, लेकिन अचानक परिवार पर यह दुख आ पड़ा। दिगंबर ने बताया कि पहले हुकमचंद मील में काम करता था। तीन हफ्ते की अघारी का कार्यक्रम है। उन्होंने बताया कि इंदौर में रहने वाली छोटी बेटी का ऑपरेशन हुआ था, इसके चलते दो बेटी औरंगाबाद से 28 दिसंबर को इंदौर आई थी। पत्नी मंजूला ने ही सभी को खाना बनाकर खिलाया था। 29 दिसंबर को बेटियां वापस चली गई। 30 दिसंबर को तबीयत बिगड़ी और बिस्तर में ही उल्टी-दस्त होने लगी। इसके बाद इलाज के लिए एमवाय अस्पताल लेकर जा रहे थे, तभी मौत हो गई। बेटियों ने कहा कि हम पिता का ध्यान रखेंगे।

अशोक पंवार के जाने से घर की रौनक हुई खत्म

भागीरथपुरा क्षेत्र में अशोक पंवार की मौत 24 दिसंबर को हुई थी। मौत के इतने दिनों बाद भी परिवार अपनों के गम से बाहर नहीं निकल पाया है। पत्नी शौभा पति की तस्वीर के पास दिनभर बैठी रहती है। वह बताती है कि हमारे घर की रौनक ही चली गई है। वह घर पर ही रहते थे, हम दोनों दिनभर बातें किया करते थे। लेकिन जीवनसाथी के जाने के बाद अकेली पड़ गई हूं। मेरे तीन बेटे हैं, जिसमें से दो की शादी हो गई है। लेकिन उनकी कमी को कोई पूरा नहीं कर सकता है।

परिवार के मुखिया और हिम्मत का साथ छूटा

परिवार के मुखिया हमें छोड़ गए। भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित इमली वाली गली निवासी शंकरलाल परिडवाल की 30 दिसंबर को मौत हुई थी। परिवार के मुखिया का अचानक से छोड़कर जाने के दुख से सदस्य उभर नहीं पा रहे हैं। इनके बेटे ने बताया कि करीब 18 वर्ष पहले मां छोड़कर चली गई थी और अब पिता भी छोड़कर चले गए हैं। पिता हमारी हिम्मत थे, वहीं परिवार के सभी निर्णय भी लेते थे।

यह भी पढ़ें- भागीरथपुरा में दूषित पानी का 'डेथ वारंट'... रोज सामने आ रहे 15 नए मरीज, मासूम अस्पताल में भर्ती तो बुजुर्ग महिला हुई लकवाग्रस्त