
प्रणय चौहान, नईदुनिया, इंदौर: शहर में 37 साल पहले बना सरदार वल्लभ भाई पटेल ब्रिज बदहाल पड़ा हुआ है। इसके रखरखाव व सुधार की जिम्मेदारी इंदौर नगर निगम की है, लेकिन वह इस तरफ कतई ध्यान नहीं दे रहा है। पैदल पुल की हालत जर्जर हो चुकी है। किसी भी दिन ब्रिज के टूटकर गिरने से राहगीरों के साथ बड़ा हादसा हो सकता है।
पिछले साल पैदल पुल का एक छोटा हिस्सा तो गिर भी चुका है। ब्रिज के बीच में एक बड़ी दरार आ चुकी है, जिसमें आए दिन राहगीरों के पैर फंस जाते हैं। नगर निगम के जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदकर बैठे है। कभी इंदौर का गौरव कहे जाने वाले इस ब्रिज के पोल गिर रहे हैं, रैलिंग चोरी हो रही है, फुटपाथ बुरी हालत में है।
पटेल ब्रिज (इसे सियागंज ब्रिज भी कहते थे) दिसंबर 1978 में बनकर तैयार हुआ था। ब्रिज की अनदेखी के चलते बदहाली पुल के सभी तरफ दिखाई देने लगी है। इसका सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रखा गया था। यह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा तीन करोड़ रुपए की लागत से बनवाया गया था। सरवटे बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के बीच बने पटेल ब्रिज से सियागंज ब्रिज की ओर से हजारों राहगीर व यात्री उतरते व चढ़ते हैं। इस पैदल पुल की सीढ़ियों की हालत जर्जर अवस्था में है।
ई-रिक्शा चालक शरीफ शाह व जफर खान ने बताया कि सीढ़ियों में लगी लोहे की रेलिंग में आए दिन करंट आने से यात्रियों और राहगीरों को झटके लगते रहे हैं। जिस दिन ज्यादा झटके आते हैं तो हम यात्रियों और राहगीरों को चढ़ने-उतरने के लिए मना कर देते हैं। इसकी सीढ़ियां जगह-जगह से टूट चुकी है। दिनभर में 15 से 20 चढ़ने-उतरने वाले गिरते हैं। कई बार महिलाएं सामान लेकर गिर जाती है। सीढ़ियों से टूटे लोहे की पट्टियों से राहगीरों के पैर में चोट लग जाती है। कई बार बच्चों को भी पैरों में गंभीर चोट लग जाती है।
ब्रिज के बीच में दुकानों के व्यापारियों और राहगीरों ने इसे खुला शौचालय बना रखा है। गंदगी और बदबू से राहगीरों का निकलना मुश्किल हैं। इसकी हालत इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि कभी भी दिन क्षतिग्रस्त हो सकता है और कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
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व्यापारी मदनलाल मकोरिया और शेख आलम ने बताया कि शाम से रात होते तक ये पैदल ब्रिज शराबियों का अड्डा बन जाता है। शराबी यहां आए दिन यात्रियों के साथ लूट एवं चोरी की घटनाओं को अंजाम दे देते है। शराबी डराकर यात्रियों से मोबाइल और पर्स छीनकर भाग जाते हैं। फिर पुलिस व्यापारियों और ई-रिक्शा चालकों को परेशान करती है।वहीं, ब्रिज के बीचो बीच बहुत बड़ा गेप हो गया है।
जांच करने के बाद बता पाऊंगा इस मामले में फिलहाल कुछ नहीं बोल पाऊंगा। ब्रिज की जांच कराने के बाद ही कुछ बता पाऊंगा।
-क्षितिज सिंघल, आयुक्त, नगर निगम