भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने तोड़ा दम, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में रहवासियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक निजी अस्पताल में भर्ती एक और बुजुर्ग महिला की गुरुवार को मौत ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Jan 2026 10:34:07 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Jan 2026 10:34:07 PM (IST)
भागीरथपुरा में दूषित पानी से बीमार 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने तोड़ा दमनईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा दूषित पानी कांड में रहवासियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक निजी अस्पताल में भर्ती एक और बुजुर्ग महिला की गुरुवार को मौत सामने आई है। इस मामले से मरने वालों की संख्या अब 24वीं हो गई है। मृतका 78 वर्षीय सुभद्रादाई पंवार निवासी मकान नंबर 620 भागीरथपुरा हैं। उनके पति बसंतराव पंवार हैं। बेटे मनीष पंवार ने आरोप लगाया है कि दूषित पानी से फैले डायरिया के कारण ही उनकी मां की मौत हुई।
31 दिसंबर को कर दिया गया था डिस्चार्ज
परिजनों के अनुसार सुभद्रादाई की तबीयत 27 दिसंबर से खराब होना शुरू हुई थी। उन्हें उल्टी और दस्त की शिकायत के चलते भर्ती कराया गया था। 29 दिसंबर की रात हालत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के बाद 31 दिसंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया था। पांच जनवरी को बुजुर्ग महिला की फिर से तबीयत बिगड़ी तो परिजन तुरंत दूसरी बार चरक अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां से उन्हें शेल्बी अस्पताल भेज दिया गया।
उल्टी-दस्त की शिकायत नहीं मानते हुए लौटा दिया
परिजनों का आरोप है कि शेल्बी अस्पताल में उल्टी-दस्त की शिकायत नहीं मानते हुए उन्हें लौटा दिया गया। इसके बाद आठ जनवरी की रात को उन्हें बड़ा गणपति के समीप अंतिम चौराहा स्थित मेट्रो अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आइसीयू में भर्ती किया गया। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान अस्पताल में ही उनकी मौत हो गई।
डायरिया होने से पहले उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ थीं और दूषित पानी पीने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ी। नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा हमको भुगतना पड़ा। - मनीष, मृतका का बेटा
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