
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दूषित पानी कांड के 17 दिन बाद भागीरथपुरा वालों को आखिर राहत मिल ही गई। नगर निगम ने क्षेत्र के 30 प्रतिशत हिस्से में टंकी से सप्लाई शुरू कर दी है। इससे करीब 15 हजार लोगों के घरों तक नर्मदा जल पहुंचा। शुक्रवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव की उपस्थिति में पानी सप्लाई हुआ। महापौर ने खुद नल से पानी लेकर पिया। उन्होंने इसकी गुणवत्ता पर संतोष जाहिर करते हुए कहा कि भागीरथपुरा के शेष हिस्से में लाइन बदलने का काम चल रहा है।
इसके पूरा होते ही वहां भी सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। दिसंबर के अंत में बड़ी संख्या में उल्टी-दस्त के मरीज मिलने के बाद नगर निगम ने भागीरथपुरा क्षेत्र में टंकी से पानी सप्लाई बंद कर दी थी। इसके बाद से क्षेत्र के नागरिक टैंकरों पर आश्रित थे। नगर निगम क्षेत्र में ड्रेनेज और पानी की नई लाइनें बिछाने का काम कर रहा है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि क्षेत्र के एक हिस्से में लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। इस क्षेत्र में शुक्रवार से पानी सप्लाई शुरू कर दिया गया।
इसका लाभ भागीरथपुरा के लगभग 30 प्रतिशत लोगों को मिलेगा। शेष हिस्से में लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अगले 20 दिन में यह काम पूरा हो जाएगा, इसके बाद पूरे क्षेत्र में टंकी से पानी की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी, तब तक निगम टैंकरों से पानी की आपूर्ति करता रहेगा। उबालकर ही उपयोग में लें शुक्रवार को सप्लाई पानी जांच में भले ही मानकों पर खरा उतरा है, बावजूद इसके महापौर ने नागरिकों से अपील की कि जलप्रदाय प्रारंभ होने के पश्चात भी सावधानी के तौर पर पानी को उबालकर ही उपयोग में लें और नगर निगम, जिला प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी की गई गाइड लाइन का पूर्ण रूप से पालन करें।