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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 23 मौतों ने सिर्फ एक मोहल्ला नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए परिवारों की खुशियां उजाड़ दी हैं। मृतकों में शामिल कई लोग ऐसे थे, जो इस इलाके के निवासी तक नहीं थे। वे अपने बेटों और रिश्तेदारों से मिलने आए थे, लेकिन किसे पता था कि परिवार का सदस्य उनके घरों से लाश बनकर विदा लेगा। उन्होंने रोजमर्रा की तरह स्थानीय जलापूर्ति का पानी इस्तेमाल किया और कुछ ही समय में गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वजन ने बताया कि शुरुआत में हमने इसे सामान्य तबीयत खराब होना समझा था, लेकिन उल्टी-दस्त बढ़ने पर अस्पताल लेकर पहुंचे। तब पता चला कि यह पानी से फैलने वाले संक्रमण के कारण हुआ है।
धार निवासी रिटायर्ड पुलिसकर्मी 69 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा अपने बेटे से मिलने के लिए इंदौर आए थे। वे भागीरथपुरा मंदिर दर्शन के लिए गए थे। वहां उन्होंने होटल में दूषित पानी पिया था। इलाज के दौरान पांच जनवरी को उनकी मौत हो गई। ओमप्रकाश इंदौर में रह रहे बेटे गौरव के यहां ठहरे हुए थे। इस दौरान नंदानगर में रहने वाले रिश्तेदार के यहां गए थे। वहीं से वे भागीरथपुरा गए थे। संक्रमण ओमप्रकाश शर्मा की किडनी तक फैल गया था। चार जनवरी की सुबह हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। बेटे गौरव ने बताया था कि 29 और 30 दिसंबर को डायरिया की शिकायत के बाद पिता की हालत बिगड़ी थी।
श्रावण नथ्थु खुपराव की मौत 29 दिसंबर को इलाज के दौरान अस्पताल में हुई है। बेटे श्रीकृष्ण ने बताया कि 25 दिसंबर को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया था। 26 दिसंबर को हालत में सुधार हुआ, इसके बाद तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के बुलढाणा स्थित सेलापुर में हुआ, यह उनका पैतृक गांव है। श्रावण इंदौर में अपने बेटे के साथ रहते थे।
बिहार निवासी 50 वर्षीय महिला की 21 दिसंबर को मौत हुई थी। महिला अपने बेटे से मिलने के लिए इंदौर आई थी। श्मशान घाट के रिकॉर्ड से मिली जानकारी अनुसार बिहार के मोतिहारी जिले की रहने वाली सुमित्रा देवी का अंतिम संस्कार किया गया था। वह अपने बेटे से मिलने इंदौर आई थीं। उन्हें पेटदर्द की शिकायत हुई थी। स्वजन ने बताया कि मौत के पहले उन्हें दस्त की समस्या भी हुई थी। बेटा करीब दो वर्ष से इंदौर रहता है। वह एक माह पहले ही मिलने के लिए आई थी।
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