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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी (Indore Bhagirathpura Water Crisis) से लोगों के बीमार होने की घटना को पंद्रह दिन बीत चुके हैं, लेकिन हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। शुद्ध पेयजल की समस्या जस की तस बनी हुई है। नर्मदा जल की सप्लाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है, क्योंकि पानी की लाइन में कहां लीकेज है, यह नगर निगम को अभी तक पता नहीं चल पाया है। नगर निगम इन दिनों इलाके में नई नर्मदा लाइन बिछाने का काम कर रहा है। इसके लिए भागीरथपुरा की कई गलियों में सड़कें खोद दी गई हैं। इससे रहवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहले इमली वाली गली में खुदाई हुई थी और अब भागीरथपुरा चौकी के सामने नई लाइन डालने के लिए सोमवार को निगम ने मार्किंग कर दी है।
फिलहाल इलाके की पांच गलियों में नर्मदा जल लाइन के साथ-साथ ड्रेनेज लाइन का काम एक साथ चल रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। रहवासियों का कहना है कि एक-एक गली में काम किया जाए, ताकि बाकी इलाके में लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो। एक साथ कई जगह सड़कें खोदने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को निकलने में काफी दिक्कत हो रही है। टैंकर का पानी भी उबाल रहे दूषित पानी की घटना के बाद से इलाके में नलों से नर्मदा जल की सप्लाई पूरी तरह बंद है।
पिछले पंद्रह दिनों से नगर निगम टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति कर रहा है। लगभग 35 टैंकर इलाके में पानी बांट रहे हैं। बीमारी के डर से लोग टैंकर से मिलने वाले पानी को भी उबालकर पीने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि जब तक पानी की गुणवत्ता को लेकर भरोसा नहीं बनता, तब तक वे किसी भी पानी को सीधे पीने का जोखिम नहीं उठा सकते। विवाद की बनती है स्थिति पानी वितरण के दौरान भी समस्याएं सामने आ रही हैं। सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक टैंकरों से पानी सप्लाई की जा रही है, लेकिन भागीरथपुरा की कई गलियां इतनी संकरी हैं कि वहां टैंकर नहीं पहुंच पाता।
ऐसे में टैंकर चौराहे पर खड़ा किया जाता है और लोगों को बाल्टियों से पानी भरकर ले जाना पड़ता है। इसी बात को लेकर कई बार टैंकर चालकों और रहवासियों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। मनीष प्रजापत का कहना है कि टैंकर से पानी तो पर्याप्त मिल रहा है, लेकिन अगर टैंकर गलियों के अंदर तक जाए तो लोगों को राहत मिले। चेम्बर भी बदल रहे नर्मदा लाइन के साथ ही नगर निगम क्षेत्र में ड्रेनेज की व्यवस्था बेहतर करने में लगी है।
भागीरथपुरा में जहां भी नर्मदा लाइन के ऊपर ड्रेनेज चैंबर बने हैं, उन्हें तोड़ने का काम चल रहा है। अभी तक एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर नए ड्रेनेज चैंबर बनाए हैं। यहां तक कि गलियों की ड्रेनेज लाइन भी जांची जा रही है। इसके माध्यम से नगर निगम यह पता लगाने में जुटा है कि गंदा पानी कहां से नर्मदा में मिल रहा है। फिलहाल अभी तक लीकेज नहीं मिला है।
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