
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 3200 से अधिक लोग बीमार हुए हैं। इनमें से करीब 430 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ी है। वहीं अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी भी 20 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बैक्टीरिया के कारण फैला यह संक्रमण अधिकांश मरीजों में ठीक हो जाता है और भविष्य में इससे समस्या नहीं होती है। लेकिन कई मरीजों में संक्रमण गंभीर फैल जाता है, जिसका सीधा असर किडनी जैसे महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ रहा है।
कुछ माह के बाद यह मरीज भी स्वस्थ हो जाएंगे। बैक्टीरिया के कारण ऐसा संक्रमण नहीं होता है जिससे जीवनभर समस्या बनी रहे, लेकिन इन मरीजों को अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा। अस्पताल से ठीक होने के बाद भी यदि इन मरीजों ने लापरवाही बरती तो गंभीर समस्या होने की आशंका रहती है। भविष्य में भी मरीजों को इससे खतरा रहता है। विशेषज्ञों की सलाह से नियमित दवाई लें और खानपान का भी विशेष ध्यान रखें। वहीं कई मरीज जिन्हें गंभीर संक्रमण फैल जाता है, उन्हें भी भविष्य में खतरा रहता है।
किडनी तक पहुंचा संक्रमण, डायलिसिस पर मरीज अस्पताल में भर्ती कई मरीजों का संक्रमण किडनी तक पहुंच गया है, जिसके कारण उन्हें डायलिसिस लेना पड़ रही है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के स्वजन इस हालत में देखकर काफी परेशान हो रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक दूषित पानी के कारण संक्रमण बढ़ जाता है तो मरीज डायलिसिस तक भी पहुंच जाता है। लेकिन यह जरूरी है कि मरीज पूरा इलाज लें ताकि कुछ माह में ठीक हो जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी से होने वाला नुकसान सिर्फ उल्टी-दस्त तक सीमित नहीं रहता है। समय के साथ इसका प्रभाव गंभीर और दीर्घकालिक रूप ले सकता है। दूषित जल में मौजूद ई-कोलाई, साल्मोनेला, शिगेला, विब्रियो कालरा जैसे बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर पहले डिहाइड्रेशन और संक्रमण पैदा करते हैं। इससे किडनी, लिवर, आंतों पर भी असर पड़ता है। साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है।
दूषित पानी की समस्या से उल्टी-दस्त की शिकायत के कारण ब्लड प्रेशर कम होता है। इसके साथ ही किडनी से जुड़ी समस्या भी कई मरीजों को होती है। ऐसे में मरीजों को बाहर का खाने से बचना चाहिए और घर पर बने पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए। पानी को पांच मिनट उबालने के बाद ही पीना चाहिए। - डॉ. मोहित जैन, पेट रोग विशेषज्ञ
दूषित पानी की समस्या के कारण मरीज एक समय के बाद ठीक हो जाते हैं और उन्हें भविष्य में कोई खतरा नहीं रहता है। कुछ माह तक जो गंभीर बीमार होते हैं, उनका विशेष ध्यान रखना होता है। लेकिन जीवनभर समस्या बनी रहे, ऐसा नहीं होता है। लोगों को बाहर का खाने से बचना चाहिए। - डॉ. नीरज जैन, पेट रोग विशेषज्ञ
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