भागीरथपुरा जल संकट: 7 मरीज अब भी आईसीयू में, 2 वेंटीलेटर पर, प्रशासन की स्थिति सुधारने की जद्दोजहद जारी
Indore Health Update: भागीरथपुरा में डायरिया के प्रकोप के कारण अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों का सिलसिला जारी है। वर्तमान में सात मरीज आईसीयू (I ...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 20 Jan 2026 10:35:04 PM (IST)Updated Date: Tue, 20 Jan 2026 10:35:03 PM (IST)
भागीरथपुरा जल संकट: 7 मरीज अब भी आईसीयू में, 2 वेंटीलेटर पर।HighLights
- इंदौर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर
- भागीरथपुरा में 2 एम्बुलेंस तैनात
- अब तक 449 मरीज हुए भर्ती
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा क्षेत्र में फैले डायरिया के प्रकोप के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बीच राहत की खबर यह है कि ओपीडी में मरीजों की संख्या में कमी आई है। हालांकि, कुछ मरीजों की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
7 मरीज अब भी आईसीयू में
भागीरथपुरा में डायरिया के प्रकोप के कारण अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों का सिलसिला जारी है। वर्तमान में सात मरीज आईसीयू (ICU) में उपचाराधीन हैं, जहां उनके परिजन उनके स्वस्थ होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इन सात मरीजों में से दो की हालत काफी गंभीर बनी हुई है और वे वेंटीलेटर पर हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन दो मरीजों की स्थिति में फिलहाल कोई विशेष सुधार नहीं देखा गया है।
ओपीडी में कमी और रिकवरी दर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने जानकारी दी है कि क्षेत्र में संक्रमण की दर कम हो रही है। मंगलवार को भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी में कुल 122 मरीज जाँच के लिए पहुंचे, जिनमें से केवल तीन मरीजों में ही डायरिया के लक्षण पाए गए। अब तक इस बीमारी के कारण कुल 449 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है, जिनमें से 433 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट चुके हैं। वर्तमान में 9 मरीज सामान्य वार्डों में भर्ती हैं।
यह भी पढ़ें- इंदौर में 'जल सुनवाई' से एक हफ्ते में ही उठा भरोसा, 309 से घटकर 100 से भी कम हुई शिकायतें, दूषित पानी से जनता परेशान
प्रशासनिक सतर्कता और चिकित्सा व्यवस्था
प्रशासन द्वारा क्षेत्र में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्षेत्र में दो एम्बुलेंस तैनात की गई हैं। इसके साथ ही, प्रभावित क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि किसी भी नए मरीज को तत्काल उपचार मिल सके।