
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। आमजन की पानी से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए शुरू हुई जल सुनवाई से एक सप्ताह में ही लोगों का विश्वास उठ गया। मंगलवार को आयोजित दूसरी जल सुनवाई में इक्का-दुक्का शिकायतकर्ता शिकायत करने पहुंचे। इन लोगों का कहना था कि सालों से नलों में दूषित पानी आ रहा है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। पिछली जल सुनवाई में शहर भर से 309 शिकायतें आई थी, लेकिन मंगलवार को आंकड़ा 100 तक भी नहीं पहुंचा।
निगम भले ही कुछ भी दावा करें वास्तविकता यह है कि पूरे शहर में दूषित पानी वितरित हो रहा है। ज्यादातर क्षेत्रों में नागरिकों की शिकायत है कि शुरुआत में 10-15 मिनट तक दूषित पानी आ रहा है। 15 मिनट पानी बहाने के बाद ही साफ पानी मिलता है।
शहर की टंकियों पर आयोजित जल सुनवाई में गिनती के शिकायतकर्ता पहुंचे। हाथीपाला टंकी पर स्थिति यह थी कि दोपहर एक बजे तक सिर्फ दो शिकायतकर्ता पहुंचे थे। कबूतरखाना निवासी शाहजहां बी ने कम दबाव से पानी मिलने की शिकायत की। वहीं हाथीपाला निवासी हामिदा ने दूषित पानी आने की शिकायत की। मौजूद अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कर जांच का आश्वासन दिया। इसी तरह सदरबाजार टंकी पर सिर्फ एक शिकायत पहुंची। पुलिस लाइन के लोगों का कहना था कि उनके यहां दूषित और बदबूदार पानी आ रहा है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव मंगलवार को जलसुनवाई के लिए तिलक नगर टंकी पहुंचे। क्षेत्रीय पार्षद एवं महापौर परिषद सदस्य राजेश उदावत भी उनके साथ मौजूद थे। महापौर ने उपस्थित नागरिकों की जल से संबंधित समस्याओं को सुना। इन शिकायतों में पानी नहीं आने, दूषित पानी आने तथा पुरानी जलप्रदाय लाइनों के कारण बार-बार उत्पन्न हो रही समस्याओं शामिल थीं।
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वार्ड क्रमांक-27 बजरंग नगर स्थित पानी की टंकी पर होने वाली जल सुनवाई में चार शिकायतें आई। इसमें ड्रेनेज की समस्या के साथ पानी लीकेज की शिकायतें थी। टंकी पर सुबह 11 बजे से एक बजे तक अधिकारी बैठे और लोगों की शिकायतें सुनी। शिकायतों को एक रजिस्टर्ड में दर्ज भी किया गया। कुछ शिकायतों में आवेदन दिया गया, तो कुछ मौखिक दर्ज कराई गई।