
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा के एक बड़े हिस्से को पीने के पानी के लिए फिलहाल टैंकरों पर आश्रित रहना होगा। नगर निगम ने क्षेत्र के 30 प्रतिशत हिस्से में तो टंकी से नर्मदा जल सप्लाई शुरू कर दी है, लेकिन शेष हिस्से में पाइप लाइन बदलने का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पाइप लाइन बदलने का काम पूरा होने में तीन से चार सप्ताह का समय लगेगा। जैसे-जैसे काम पूरा होता जाएगा चरणबद्ध तरीके से थोड़े-थोड़े हिस्से में सप्लाई शुरू की जाएगी।
ऐसी स्थिति में फिलहाल तो भागीरथपुरा के एक बड़े हिस्से को पीने के पानी के लिए टैंकर पर आश्रित रहना ही होगा। बड़ी संख्या में उल्टी-दस्त के मरीज मिलने के बाद दिसंबर के अंत से ही भागीरथपुरा में टंकी से नर्मदा जल की सप्लाई बंद है। 30 दिसंबर से ही क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पानी सप्लाई किया जा रहा है। नगर निगम ने इस क्षेत्र की खराब पेयजल और ड्रेनेज लाइनों को बदलने की योजना पर काम शुरू कर भी दिया है। भागीरथपुरा के लगभग 30 प्रतिशत हिस्से में पानी की लाइन बदलकर टंकी से पानी सप्लाई शुरू की भी जा चुकी है। शेष हिस्से में भी लाइन बदलने का काम चल रहा है।
निगम के दावों के बावजूद भागीरथपुरा क्षेत्र में लाइन बदलने का काम धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में इस काम को पूरा होने में कम से कम एक माह लगने का अनुमान है। लाइन बदलने के लिए क्षेत्र की सड़कें खोदी पड़ी हैं। रहवासियों का कहना है कि खोदी पड़ी सड़कों की वजह से टैंकरों का गलियों तक आना मुश्किल हो गया है। टैंकर चौराहों पर ही खड़े हो रहे हैं। रहवासियों को पानी भरने के लिए चौराहों तक जाना पड़ रहा है।
भागीरथपुरा के 30 प्रतिशत हिस्से में टंकी से पानी सप्लाइ शुरू किया जा चुका है। शेष हिस्से में लाइन बिछाने का काम चल रहा है। हम क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से पानी की सप्लाइ शुरू करेंगे। हमारा उद्देश्य क्षेत्र के लोगों के घरों तक साफ-स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। हम इस पर काम कर रहे हैं।- पुष्यमित्र भार्गव, महापौर इंदौर
नगर निगम पेयजल और ड्रेनेज लाइनें बिछाने के बाद क्षेत्र में कांक्रीट की सड़कें बनाएगा। इसके लिए नगर निगम की जनकार्य समिति ने टेंडर जारी भी कर दिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले तीन माह में क्षेत्र में पेयजल, ड्रेनेज लाइन सहित सड़कों के सीमेंटीकरण का काम भी पूरा हो जाएगा।