
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। नगर निगम के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (ताई) से की गई मुलाकात पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। महापौर ने पटवारी की इस पहल का स्वागत करते हुए इसे 'सदबुद्धि' का परिणाम बताया, लेकिन साथ ही उनके पुराने आचरण पर भी सवाल खड़े किए।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यह अच्छी बात है कि जीतू पटवारी को अब यह समझ आ गया है कि उन्हें 'ताई' के पास मार्गदर्शन के लिए जाना चाहिए। ताई से मिलने के बाद पटवारी का यह कहना कि 'यह अपशब्द कहने का समय नहीं है', इस पर महापौर ने पलटवार किया। भार्गव ने कहा कि पटवारी को यह बताना चाहिए कि जब उन्होंने पहले अभद्र शब्दों का प्रयोग किया था, तब उनकी बुद्धि कहाँ गई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पटवारी को अपने पिछले व्यवहार के लिए जवाबदेह होना चाहिए।
महापौर ने जीतू पटवारी को उनके पूर्व विधायक कार्यकाल की याद दिलाते हुए पूछा कि जिस विधानसभा क्षेत्र से वे 10 साल तक विधायक रहे, वहां उन्होंने क्या विकास कार्य किए? उन्होंने कहा कि यह हिसाब पटवारी को जनता को देना चाहिए। महापौर ने तंज कसा कि पटवारी के अपने ही नेता उमंग सिंघार उनके क्षेत्र की समस्याओं की रील बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, जो उनके कार्यकाल की पोल खोलता है।
राहुल गांधी के प्रस्तावित इंदौर दौरे को लेकर भी महापौर ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बहुत देर से जागे हैं। इंदौर की जिन समस्याओं (जल संकट और ड्रेनेज) को लेकर वे आ रहे हैं, वैसी ही स्थितियाँ कई कांग्रेस शासित राज्यों में भी रही हैं। महापौर ने सवाल किया कि राहुल गांधी के पास शहरीकरण की चुनौतियों से निपटने के लिए क्या ठोस योजना या रिसर्च है? उन्हें केवल राजनीति करने के बजाय अपना विजन स्पष्ट करना चाहिए।
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इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई त्रासदी पर कांग्रेस के प्रदर्शनों को महापौर ने 'फोटो अवसर' करार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को अपने स्थानीय नेताओं से पूछना चाहिए कि जब भागीरथपुरा में संकट आया, तो वे वहां केवल रील बनाने और प्रदर्शन करने पहुंचे या उन्होंने स्थिति सुधारने के लिए कोई वास्तविक प्रयास भी किया। महापौर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस केवल आपदा में राजनीति ढूंढ रही है, जबकि समाधान के लिए उनके पास कोई योजना नहीं है।