
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण उल्टी-दस्त की समस्या के अब तक 3500 से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं। हालांकि अब नए मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन अस्पतालों में भर्ती मरीजों की हालत बिगड़ रही है। बांबे हास्पिटल और मेट्रो अस्पताल में गंभीर हालत में मरीज भर्ती हैं, लेकिन इनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं आ रहा है।
बुधवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी मेडिकल कॉलेज के सहयोग से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न जांचें की गईं। वहीं भागीरथपुरा क्षेत्र में बुधवार को तीन नए मरीज मिले, जिनका प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया। दूषित पानी से पीड़ित मरीज अन्य अस्पतालों में भी हैं। बांबे अस्पताल में चार मरीज वेंटिलेटर पर हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अभी अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 27 है।
इंदौर जिले में संकल्प से समाधान अभियान का पहला चरण 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिलाया जाएगा। वहीं जिले में स्वच्छ जल अभियान के तहत नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुनवाई आयोजित कर आमजन की पेयजल समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा। कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी जल सुनवाई आयोजित कर पेयजल समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए।
राज्य शासन के निर्देश पर इंदौर जिले में ‘संकल्प से समाधान’ अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान चार चरणों में संचालित होगा और 31 मार्च तक चलेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित टीएल बैठक में विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। बैठक में एमपीआईडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हिमांशु प्रजापति, अपर कलेक्टर विजय नवजीवन पंवार, निशा डामोर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन और समाधान आनलाइन में दर्ज आवेदनों की विभागवार समीक्षा की।