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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। राहुल गांधी भागीरथपुरा में बच्चों को दुलार करते और उनसे बातें करते नजर आए। भागीरथपुरा में दूषित जल से बीमार पड़कर मारे गए जीवनलाल बरेड़ा के घर जब राहुल पहुंचे तो वहां मृतक के परिवार वालों के साथ एक बच्चा भी मौजूद था। पहले राहुल ने परिवारवालों से बात की। स्वास्थ्य से लेकर क्षेत्र में मिल रहे पेयजल और बीमारी के दौरान मिले उपचार व सरकारी मदद के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उनकी नजर पास बैठे नौ वर्ष के बच्चे पर पड़ी। राहुल ने उसे बुलाया और गोद में बैठा लिया।
राहुल गांधी ने बच्चे से नाम पूछा तो उसने कहा कि उसका नाम अनंत वर्मा है। जो सामने तस्वीर है वह उसके नाना की है। इसके बाद राहुल ने बच्चे से पूछा कि वह कौन की क्लास में है और क्या बनना चाहता है। इस पर अनंत ने कहा कि वह दूसरी कक्षा में है और आर्मी में जाना चाहता है। राहुल बच्चे की बात सुनकर हैरान हुए और पूछा आर्मी में क्यों? इस पर बच्चे ने जवाब दिया कि उसके चाचा भी आर्मी है। राहुल ने पूछा कि चाचा का फोटो मुझे भी दिखाओ।
इसके बाद बच्चे ने अपनी मम्मी अरुणा वर्मा से मोबाइल लिया और चाचा की तस्वीर मोबाइल में दिखाई। राहुल ने परिवारवालों से बात की ओर यह भी जानना चाहा कि अनंत के चाचा की पोस्टिंग अभी कहां है। बाद में बच्चे की मां अरुणा ने राहुल गांधी को बताया कि मृतक जीवनलाल उसके पिता हैं। परिवार में अचानक विपदा आई और पिताजी गुजर गए। अभी मैं यहां हूं और उम्मीद कर रहे हैं कि आगे कभी शहर में ऐसा कोई हादसा ना हो।
भागीरथपुरा के गार्डन में राहुल गांधी से मिलने के लिए मृतकों के परिवार वाले मौजूद थे। एक-एक कर सभी से राहुल गांधी बात करने लगे। इसी दौरान उनकी नजर महिला के गोद में बैठे डेढ़ साल के बच्चे पर पड़ी। राहुल ने उसे पास बुलाया और गोद में उठाकर दुलार करने लगे। शिवाय यादव नामक इस बच्चे की दादी सुगन यादव की मौत भी दूषित जल से बीमार पड़ने के बाद हुई। शिवाय के माता-पिता को चेक देते हुए राहुल ने कहा कि इसकी पढ़ाई और स्वास्थ्य का ध्यान रखिएगा। मैं हमेशा मदद के लिए तैयार खड़ा हूं।
कांग्रेस की ओर से तय किए गए राहुल गांधी के पूरे दौरे का पूरा दौरा भागीरथपुरा हादसे पर केंद्रित रहा। दरअसल नेता प्रतिपक्ष की ओर से ही निर्देश दे दिए गए थे कि राजनीति का कोई आयोजन, बैठक व चर्चा नहीं होगी। एयरपोर्ट पर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े के साथ तमाम नेता पहुंचे लेकिन राहुल गांधी को किसी ने फूल माला आदि नहीं दिए। भागीरथपुरा में मृतकों से मुलाकात के लिए तय गार्डन में भी सफेद पर्दे लगाकर पांडाल बनाया गया था।
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यहां भी राहुल गांधी ने नीचे बैठकर ही प्रभावित परिवारों से बात की। इस दौरान भी सिर्फ राहुल गांधी के साथ दिल्ली से आए कुछ लोग, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश की सहप्रभारी उषा नायडू, प्रदेश के सचिव सत्यनारायण पटेल और शहर-जिला अध्यक्ष ही मौजूद रहे। अन्य तमाम कांग्रेस नेताओं को दूर बैठाकर रखा गया। जिन परिवारों से राहुल गांधी को मिलना था वहां पहले से युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों की तैनाती कर दी गई थी।
मृतकों के घर पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल, महक नागर और सरफराज अंसारी को तैनात किया था। सख्त हिदायत दे दी गई थी कि ना तो कार्यकर्ताओं की भीड़ अंदर आएगी ना बाहरी व्यक्ति। किसी भी तरह की सेल्फी फोटो नहीं लिए जाएंगे।