
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भागीरथपुरा की गलियों में पहुंचे। 20 मिनट में दो मृत गीताबाई व जीवन बरोड़े के घर पहुंचकर परिवार के सदस्यों को उन्होंने सांत्वना दी और मृतकों के फोटो पर पुष्प अर्पित किए। परिवार के सदस्यों के बीच वो बैठे और उनकी परेशानी को जाना। दोनों परिवारों को एक-एक लाख रुपये का चेक दिया। इसके अलावा भागीरथपुरा पानी की टंकी के सामने बने गार्डन में मौजूद मृतकों के स्वजनों से भी उन्होंने मुलाकात की और उन्हें एक-एक लाख रुपये के चेक दिए। दूषित पानी से अपने को खोने वाले भागीरथपुरा के लोगों का दर्द एक बार फिर सामने आया। कुछ मृतकों के स्वजनों ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि लाखों के चेक से क्या होगा, जो चले गए वो लौटकर नहीं आएंगे। हमें, स्वच्छ पानी चाहिए।
भागीरथपुरा में 28 दिसंबर को जीवनलाल बरेड़े का निधन हुआ था। राहुल गांधी मृतक की पत्नी यशोदा व बेटी अरुणा से मिले। बेटी अरुणा ने बताया कि राहुल गांधी ने हमारा हालचाल पूछा। हमें प्रशासन से जो आर्थिक मदद मिली उसके बारे में हमने बताया। उन्होंने एक लाख रुपये का चेक भी दिया। फिलहाल नर्मदा पानी की सप्लाई बंद है। हम चाहते है कि इस क्षेत्र के लोगों को शुद्ध व साफ पानी मिले, पार्षद व विधायक इसका ध्यान रखे और भविष्य में ऐसी घटना पुनरावृत्ति न हो।
भागीरथपुरा में रहने वाले गीता ध्रुवकर उल्टी दस्त के कारण 24 दिसंबर से एमवायएच में भर्ती थी। उसके बाद उन्हें घर भी लाए लेकिन दोबारा तबीयत खराब होने पर अरविंदो अस्पताल भर्ती किया। 2 जनवरी को उनका निधन हुआ। राहुल गांधी इनके घर भी गए व स्वजनों से भेंट कर उन्हें एक लाख रुपये का चेक दिया। मृतक गीता के दामाद मृदुल पंथी ने राहुल गांधी को बताया कि आठ दिन तक बीमारी से उनकी सासू मां लड़ी। राहुल गांधी ने परिवार को ढांढस बंधाया। हमने उनसे कहा कि परिवार में कोई कमाने वाला नहीं उनके बेटे को नौकरी मिल जाए तो बेहतर होगा।
मैंने राहुल गांधी को अपनी सासू तारा रानी की मौत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सबकी मदद करेंगे। 30 दिसंबर को सुबह 5.30 बजे मेरी सासू मां की तबीयत खराब हो गई थी। दोपहर 11.30 बजे उनकी मौत हो गई थी।- सविता कोरी, मृतक तारा रानी की बहू
हमें मिली पहली बार मिली मदद मेरी सासू मां शकुन बाई को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी। उनकी स्थिति इस कदर खराब थी कि मुझे हर दिन उनके 10 डायपर उनके बदलना पड़ते थे। अस्पताल ले जाने के दौरान ही 24 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। एमवायएच में उनका रिकार्ड दर्ज है। हमें शासन से कोई मदद अभी तक नहीं मिली। पहली बार हमें एक लाख रुपये की मदद मिली।- मृतक शकुन बाई की बहू
हमें स्वच्छ पानी चाहिए लाखों के चेक से क्या होगा दूषित पानी से मेरी सास सीमा प्रजापत का निधन हुआ। पहले प्रशासन स्तर पर दो लाख रुपये का चेक मिला और अब एक लाख रुपये का चेक कांग्रेस ने दिया। लाखों रुपये के चेक से क्या होगा, हमें तो स्वच्छ पानी चाहिए।- शानू प्रजापत, मृतक सीमा प्रजापत की बहू
पानी की समस्यां दूर हो, ऐसा किसी के साथ न हो दूषित पानी से जिस तरह हमारे पिताजी की मौत हुई, ऐसा किसी के साथ न हो। इस क्षेत्र ही नहीं पूरे इंदौर में नलों में दूषित पानी आने की समस्या दूर होना चाहिए।- गीता परेडवाल, मृतक की बहू
जो हुआ वो आगे न हो दूषित पानी के कारण मेरी पत्नी की मौत हो गई। हम शनिवार दोपहर 11 बजे से ही राहुल गांधी से मिलने आ गए थे। हमें किसी ने मिलने से नहीं रोका। हमारी यही गुजारिश है कि जो अभी हुआ वो आगे न हो।- बिहारी कोरी, मृतक उमा कोरी के पति