
उदय प्रताप सिंह, नईदुनिया, इंदौर। मेट्रो अंडरग्राउंड प्रोजेक्ट के तहत पहले फेज में प्रस्तावित सात भूमिगत मेट्रो स्टेशन में से अभी चार के निर्माण ने रफ्तार पकड़ी है। शेष भूमिगत मेट्रो स्टेशन अभी धीमी गति से बन रहे हैं। सबसे पहले एयरपोर्ट का भूमिगत मेट्रो स्टेशन तैयार होगा। इस स्टेशन के लिए 20 मीटर गहराई तक खोदाई का कार्य पूर्ण हो गया है।
अगले डेढ़ माह में इस स्टेशन के लिए 20 मीटर गहराई में स्लैब डालने का कार्य शुरू होगा। ऐसे में यह भूमिगत मेट्रो स्टेशन सबसे पहले आकार लेगा। जमीन की सतह से 17 मीटर गहराई में मेट्रो स्टेशन का प्लेटफार्म तैयार होगा।
बीएसएफ : इसके निर्माण के लिए 20 मीटर गहराई तक खोदाई की जाएगी। इसमें फिलहाल 16 मीटर तक गहराई तक खोदाई का काम पूरा हो गया है। यहां पर अभी कंट्रोल ब्लास्टिंग के माध्यम से बेसाल्ट की चट्टानों को तोड़ा जा रहा है।
रामचंद्र नगर : इसके निर्माण के लिए 22 मीटर गहराई तक खोदाई होगी। इसमें फिलहाल 15 मीटर गहराई तक का कार्य पूरा हुआ है।
राजवाड़ा मेट्रो स्टेशन : निगम मुख्यालय परिसर के पास बन रहे इस स्टेशन के लिए 22 मीटर गहराई तक खोदाई होना है। अभी 11 मीटर गहराई तक ही खोदाई हुई है।
छोटा गणपति : मल्हारगंज क्षेत्र में 36 मीटर गहराई में यह मेट्रो स्टेशन बनाया जाना है। नेटम तकनीक से यह स्टेशन बनेगा। अभी यहां पाइलिंग का काम जारी है। 220 पिलर के लिए पाइलिंग की गई है। मल्हारगंज थाना जहां से हटा है उस हिस्से पर 60 पाइलिंग का काम अब शुरू होगा।
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बड़ा गणपति : यहां 22 मीटर गहराई में मेट्रो स्टेशन बनाया जाना है। अभी तक यहां पर सिर्फ छह मीटर गहराई तक खोदाई कार्य हो पाया है।
रीगल : इस स्टेशन पर पेड़ों की कटाई का मामला कोर्ट में लंबित है। इस वजह से अभी यहां रानी सराय स्थित पुलिस कार्यालय परिसर में टीनशेड लगे हैं। यहां पाइलिंग का कार्य शुरू नहीं हुआ।
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