
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: इंदौर के प्रसिद्ध नमकीन उद्योग में दूषित पानी के उपयोग को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। लक्ष्मीबाई नगर स्थित औद्योगिक क्षेत्र नमकीन क्लस्टर में भी दूषित पानी की आपूर्ति किए जाने की आशंका जताई जा रही है। यह क्लस्टर एमपीआइडीसी (AKVN) द्वारा विकसित किया गया है, जहां जलापूर्ति नगर निगम के माध्यम से होती है।
जानकारी के अनुसार नमकीन क्लस्टर की जलापूर्ति भागीरथपुरा टंकी से जुड़ी हुई है। नईदुनिया को पता चला है कि संबंधित अधिकारियों को पानी की गुणवत्ता खराब होने की जानकारी पहले ही थी, जिसके चलते 25 जनवरी के आसपास से क्लस्टर में नर्मदा लाइन से पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई थी।

कुछ उद्योग संचालकों ने बताया कि करीब 20 दिनों से क्लस्टर में नर्मदा जल की आपूर्ति नहीं हो रही थी। इस दौरान बोरवेल के पानी से ही उद्योगों को सप्लाई दी जा रही थी। हालांकि इस पूरे मामले पर एमपीआइडीसी के क्षेत्रीय निदेशक हिमांशु प्रजापति ने कोई टिप्पणी नहीं की।
इस मामले को लेकर कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष मुकेश यादव ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि क्लस्टर में ऐसी इकाइयां भी हैं जो विदेशों तक नमकीन निर्यात करती हैं। यदि दूषित पानी से नमकीन का निर्माण हुआ है, तो उसके सेवन से इंदौर सहित अन्य स्थानों की जनता के स्वास्थ्य पर खतरा हो सकता है।
मुकेश यादव ने यह भी कहा कि यदि 20 दिन पहले ही क्लस्टर में भागीरथपुरा टंकी से आपूर्ति रोक दी गई थी, तो इससे साफ होता है कि अधिकारियों को पानी दूषित होने की जानकारी थी। ऐसे में उद्योगों को तो सुरक्षित कर लिया गया, लेकिन जनता को वही दूषित पानी सप्लाई किया गया। दोनों ही परिस्थितियों में जिम्मेदारों पर सच्चाई छिपाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
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