
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। स्वच्छता में नंबर वन शहर इंदौर अब साइबर अपराधियों के निशाने पर है। शहर में डिजिटल ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामलों में साइबर अपराधियों ने एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, एक फर्नीचर व्यवसायी और एक अन्य नागरिक को अपना शिकार बनाते हुए कुल मिलाकर करीब 11.5 लाख रुपये की चपत लगाई है। पुलिस ने तीनों ही मामलों में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजेंद्रनगर थाना क्षेत्र में रहने वाले एक 25 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ 6 लाख 58 हजार रुपये की बड़ी धोखाधड़ी हुई है। पीड़ित युवक एक नामी आईटी कंपनी में कार्यरत है। उसे 21 दिसंबर को एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर संदेश आया था, जिसमें 'गूगल रिव्यू' देकर घर बैठे पैसे कमाने का प्रलोभन दिया गया था। शुरुआत में छोटे टास्क देकर ठगों ने विश्वास जीता, फिर उसे टेलीग्राम ऐप पर एक लिंक भेजकर क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर मोटी रकम जमा करवा ली। पीड़ित की आईडी पर कागजी मुनाफा तो लाखों में दिख रहा था, लेकिन जब उसने पैसे निकालने चाहे तो ठगों ने 4 लाख रुपये की और मांग की। ठगी का अहसास होने पर युवक ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
धोखाधड़ी का दूसरा मामला एरोड्रम थाना क्षेत्र का है, जहां स्मृति नगर निवासी 46 वर्षीय फर्नीचर व्यवसायी के साथ ढाई लाख रुपये की ठगी हुई। जालसाज ने खुद को एसबीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग का अधिकारी बताकर फोन किया था। उसने कार्ड का 'स्कोर सत्यापन' (Score Verification) करने का बहाना बनाकर व्यवसायी से कार्ड की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। कुछ ही देर बाद पीड़ित के फोन पर मैसेज आया कि उसके क्रेडिट कार्ड से 2 लाख 47 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन हो चुका है।
ठगी का तीसरा मामला दत्त नगर से सामने आया है। यहां संदीप नामक व्यक्ति को स्टॉक मार्केट में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। आरोपियों ने संदीप को अपने झांसे में लेकर अलग-अलग किस्तों में कुल 2 लाख 39 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब संदीप ने अपना मूलधन और मुनाफा वापस मांगा, तो आरोपियों ने संपर्क तोड़ लिया।
एक ही दिन में ठगी के तीन बड़े मामले दर्ज होने के बाद पुलिस और साइबर सेल ने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। राजेंद्रनगर और एरोड्रम पुलिस के अनुसार, लोग सोशल मीडिया पर मिलने वाले 'वर्क फ्रॉम होम' या 'आसान कमाई' के विज्ञापनों पर भरोसा न करें। साथ ही, किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक या क्रेडिट कार्ड की जानकारी साझा न करें। यदि कोई ठगी का शिकार होता है, तो तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें।