
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में साइबर धोखाधड़ी का अनूठा केस सामने आया है। साइबर अपराधियों ने आवाज क्लोन कर एक लाख रुपये की ठगी की है। धोखाधड़ी के लिए एआई का इस्तेमाल किया गया है। एक शिक्षिका के भाई की आवाज क्लोन कर ली और दो मिनट बात भी की। इमरजेंसी बता कर उससे ऑनलाइन रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
एडिशनल डीसीपी (अपराध) के मुताबिक धोखाधड़ी ओमेक्स सिटी (हैप्पी होम) निवासी 43 वर्षीय महिला के साथ हुई है। शिकायतकर्ता निजी स्कूल में शिक्षिका है। उसने पुलिस को बताया मंगलवार रात करीब 11 बजे अनजान नंबर से कॉल आया था। उसने भाई मुन्नू बनकर बात की और कहा कि उसके दोस्त को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती किया है। डॉक्टर उसके हार्ट का ऑपरेशन कर रहे हैं। कथित मुन्नू ने यह भी कहा कि उसके अकाउंट से अस्पताल में रुपये ट्रांसफर नहीं हो रहे हैं, इसलिए वह उसे रुपये भेज रहा है।
ठग की आवाज मुन्नू से हूबहू मिल रही थी। कुछ देर पूर्व शिक्षिका की मुन्नू से बात भी हुई थी, इसलिए उसको जरा भी शक नहीं हुआ। उसने जानकारी लेने की कोशिश की लेकिन ठग ने कहा अभी इमरजेंसी है, मैं बाद में कॉल कर पूरी बात बता दूंगा। उसने फर्जी मैसेज भेजा जिसमें शिक्षिका को रुपये क्रेडिट नजर आए। उसने बगैर चेक किए ठग द्वारा भेजे क्यूआर कोड से तीन बार में 97 हजार 500 रुपये ट्रांसफर कर दिए। थोड़ी देर बाद हाल जानने के लिए कॉल लगाया तो ठग का फोन बंद आया।
इससे शक गहरा गया और शिक्षिका ने मुन्नू के फोन पर कॉल लगा कर पूरी घटना बताई। पीड़िता ने साइबर हेल्प लाइन 1930 पर शिकायत कर शून्य पर एफआईआर दर्ज करवाई। बुधवार को लसूड़िया पुलिस ने पीड़िता के कथनों के आधार पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कायमी कर ली। साइबर अपराधी एआई के माध्यम से रिश्तेदारों और परिचितों की वॉइस क्लोन कर रहे हैं। अपराधी इंटरनेट मीडिया से दो मिनट का ऑडियो या वीडियो निकाल लेते हैं और आसानी से वॉइस क्लोन कर लेते हैं।
इसे वॉइस मॉड्यूलेशन कहते हैं। इसमें आवाज को परिस्थिति, भाव और अपने मुताबिक बदला जा सकता है। दुखी और गंभीर, प्रभावी भी आवाज निकाली जाती है। ऐसे में सावधानी रखने की आवश्यकता है। किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें। रुपये मांगने पर बैंक, परिचितों से बात करें और उसके बाद ही ट्रांसफर की प्रक्रिया करें। - राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी (अपराध)
यह भी पढ़ें- खबर का असर... इंदौर में लापरवाही बरतने वाली नर्स को किया निलंबित, तीन नर्सिंग इंचार्ज का वेतन रोका