
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े न्यू चेस्ट वार्ड में नर्स की लापरवाही के कारण डेढ़ माह के बच्चे का अंगुठा कट गया था। यह घटना इंट्राकेथ लगाने के दौरान बुधवार को हुई थी। इस संबंध में नईदुनिया ने आठ जनवरी के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने लापरवाही बरतने वाली नर्स आरती श्रोतिय को निलंबन करने की कार्रवाई की है। वहीं तीन नर्सिंग इंचार्ज का एक-एक माह का वेतन भी रोक लिया है।
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डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने 24 घंटे के भीतर ही लापरवाही बरतने वाली संबंधित नर्स के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई भी की जाएगी। मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होना चाहिए, हमारा प्रयास है कि एमजीएम से जुड़े सभी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर उपचार मिले।
वहीं इस मामले में एमवायएच अधीक्षक डॉ. अशोक यादव के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई है। जिसमें शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. निर्भय मेहता, एमवायएच उप-अधीक्षक डॉ. रोहित बडेरिया, नर्सिंग सुप्रीडेंट दयावति दयाल को शामिल किया गया है। कमेटी ने गुरूवार को नर्स के बयान भी ले लिए है। शुक्रवार को कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
न्यू चेस्ट वार्ड में 24 दिसंबर को बेटमा के बजरंगपुरा गांव की निवासी अंजुबाई के डेढ़ माह के बच्चे को निमोनिया के चलते भर्ती किया था। इस दौरान इंट्राकेथ बदलने के दौरान नर्स ने बच्चे के अंगूठे पर कैंची चल गई, जिससे अंगूठा कटकर जमीन पर गिर गया। इसके बाद बच्चे को तत्काल सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल भेजा गया, जहां सर्जरी कर अंगूठा जोड़ा गया है। अभी यह नहीं पता कि बच्चे का अंगूठा पहले की तरह सामान्य हो पाएगा या नहीं। बच्चे की मां ने बताया था कि हाथ में रात से सूजन होने पर नर्स को बुलाया था। इंट्राकेथ लगाने के दौरान टैप को काटते समय कैंची से अंगूठा कटा गया।
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