
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में गुरुवार को अभियान स्वास्थ्यवर्धन जारी रहा। 48 दलों ने 715 घरों का सर्वे कर 2087 नागरिकों की विभिन्न जांचें की। इसमें रक्तचाप के 133 एवं मधुमेह के 64 मरीजों का चिन्हांकन किया। इन्हें हेल्थकार्ड देकर आगे की जांच के लिए रेफर किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि 30 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में स्वास्थ्य शिविर लगाए गए, जिसमें विभिन्न परामर्श, उपचार, औषधि एवं जांच संबंधित सेवाएं प्रदान की गई।
14 जनवरी तक 34 हजार 631 घरों का सर्वे किया गया। इसमें एक लाख 62 हजार 558 स्क्रीनिंग की गई। 15 जनवरी तक कुल 441 विभिन्न चिकित्सालयों में भर्ती हुए, जिसमें से 424 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। 11 वार्ड में उपचाररत हैं एवं छह आईसीयू में भर्ती हैं। भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में स्थिति तेजी से सामान्य होती जा रही है। गुरुवार को ओपीडी के 116 मरीजों में से मात्र छह मरीज डायरिया के आए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया गया।
सर्वे, शिविर एवं ओपीडी में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, नर्सिंग ऑफिसर तथा चिकित्सकों द्वारा लगातार परामर्श दिया जा रहा है। अभियान स्वास्थ्यवर्धन के तहत उपचार, परामर्श एवं जांच की गई। इसमें लोगों ने अपने आपको काफी सहज एवं सुरक्षित महसूस किया। उन्होंने कहा कि हेल्थ कार्ड के माध्यम से हमें अपने स्वास्थ्य सूचकांकों की जानकारी भी मिल रही है। स्वास्थ्य के स्तर का पता भी चल रहा है। दल द्वारा दिए गए परामर्श से यह भी जानकारी प्राप्त हो रही है कि हमें किस तरह की जीवन शैली को अपनाना चाहिए, जिससे कि स्वयं, परिवार एवं समुदाय स्वस्थ रह सके।
कलेक्टर के निर्देशानुसार क्षेत्र में दो एंबुलेंस लगाई गई हैं। चौबीस घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। स्थिति पर निरंतर नजर रखी जा रही है ताकि प्रभावित क्षेत्र के नागरिकों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
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