इंदौर में Income Tax के निशाने पर सरकारी ठेकेदार और कंस्ट्रक्शन कंपनियां, 20 ठिकानों पर पड़े छापे
आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग ने शहर के चार सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्टर निर्माण के ठेके लेने वाली कंपनियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। आयकर की टीमों ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 17 Jan 2026 12:52:18 AM (IST)Updated Date: Sat, 17 Jan 2026 01:19:26 AM (IST)
कंस्ट्रक्शन कंपनियों पर आयकर विभाग का छापा (सांकेतिक फोटो)HighLights
- सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्टर निर्माण के ठेके लेने वाली कंपनियां पर छापा
- इस समय दो हजार करोड़ रुपये के निर्माण इन ठेके कंपनियों के पास
- बड़े पैमाने पर इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड, दस्तावेज और डायरिया जब्त हुई
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: सड़क से लेकर सार्वजनिक इंफ्रास्ट्रक्टर निर्माण के ठेके लेने वाली कंपनियां आयकर के निशाने पर आ गई है। शुक्रवार सुबह आयकर विभाग की इंवेस्टिगेशन विंग ने शहर के चार कंपनियों के अलग-अलग ठिकानों पर जांच शुरू की।
आयकर की टीमें बीआर गोयल इंफ्रास्ट्रक्चर, केजी गुप्ता इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, बिंदल डेवलपमेंट एंड कंस्ट्रक्शन और लक्ष्मी स्टील के 12 से ज्यादा ठिकानों पर पहुंची। इसमें एक कंपनी का दफ्तर कन्नौद में भी है। साथ ही इंदौर के विक्रम टावर में एक कंपनी सेक्रेटरी के दफ्तर में भी आयकर की टीम भी पहुंची।
सुबह छापा शुरू होने के बाद जांच में कुछ ओर ठिकाने भी शामिल हुए। शाम तक आयकर विभाग के 70 से ज्यादा अधिकारी करीब 20 जगह जांच कर दस्तावेज खंगाल रहे थे। इसमें कंपनियों के डायरेक्टरों के साथ उनसे संबंधित अलग-अलग दफ्तरों व लोगों के पास भी दस्तावेज इकट्टे करने पहुंचे। जांच के दायरे में आई कंपनियां मुख्य रूप से सरकार के सड़क, हाईवे और पुल आदि निर्माण के ठेके लेती है।
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दस्तावेज और डायरिया जब्त
कंपनियां नगर निगम, इंदौर विकास प्राधिकरण, एमपीआरडीसी जैसी एजेंसियों के लिए भी काम करती रही है। इस समय भी करीब दो हजार करोड़ रुपये के निर्माण ठेके कंपनियों के पास बताए जा रहे हैं। जांच के पहले दिन विभाग ने बड़े पैमाने पर इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड, दस्तावेज और डायरिया जब्त की है। अलग-अलग ठिकानों से नकदी भी बरामद हुई है लेकिन आयकर ने पहले हिसाब मांगा है। हिसाब नहीं मिलने पर आयकर उसकी आधिकारिक जब्ती कर सकता है।