इंदौर में बदमाश कहीं भी अपराध करे, इलाके का TI जिम्मेदार; पुलिस कमिश्नर ने निगरानी में लापरवाही पर लगाई फटकार
इंदौर पुलिस कमिश्नर ने सूचीबद्ध और आदतन अपराधियों की निगरानी में लापरवाही पर थाना प्रभारियों को चेताया। दूसरे क्षेत्र में अपराध करने पर भी संबंधित थान...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 09:49:36 AM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 09:49:36 AM (IST)
इंदौर में बदमाश कहीं भी अपराध करे। (एआई जनरेटेड)HighLights
- बदमाश दूसरे थाना क्षेत्र में अपराध करें तो जिम्मेदारी तय होगी।
- सूचीबद्ध अपराधियों की केवल कागजी निगरानी नहीं होनी चाहिए।
- बीट पुलिसकर्मियों को बदमाशों की गतिविधियों की जानकारी रखनी होगी।
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : थाना क्षेत्र में सूचीबद्ध बदमाश अपराध करने के बाद दूसरे थाना क्षेत्र में वारदात कर रहे हैं तो इसकी जिम्मेदारी से संबंधित थाना प्रभारी बच नहीं सकेंगे। शनिवार को पुलिस कमिश्नर (एडीजी) संतोष कुमार सिंह ने अधिकारियों की बैठक में सूचीबद्ध और आदतन अपराधियों की निगरानी में लापरवाही को लेकर थाना प्रभारियों की खिंचाई की।
उन्होंने साफ कहा कि अपने थाना क्षेत्र का बदमाश दूसरे इलाके में जाकर अपराध करता है तो भी उसकी गतिविधियों पर नजर रखने में चूक को गंभीरता से लिया जाएगा।
केवल कागजों पर निगरानी नहीं होनी चाहिए
- कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सूचीबद्ध बदमाशों की केवल कागजों पर निगरानी नहीं होनी चाहिए। उनके आने-जाने, गतिविधियों और आपराधिक संपर्कों की जानकारी बीट स्तर के पुलिसकर्मियों के पास रहनी चाहिए।
- यदि किसी बदमाश के दोबारा अपराध में शामिल होने की जानकारी सामने आती है तो यह भी देखा जाएगा कि संबंधित थाना स्तर पर उसकी निगरानी और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किस स्तर पर हुई थी।
- बैठक में खास तौर पर इस बात पर नाराजगी जताई गई कि कई बार बदमाश अपने क्षेत्र से बाहर जाकर अपराध कर देते हैं। ऐसे मामलों में संबंधित थाना प्रभारी यह कहकर जिम्मेदारी से नहीं बच सकेंगे कि वारदात उनके थाना क्षेत्र में नहीं हुई।
अपराध होने से पहले उसकी संभावना को खत्म करें
- कमिश्नर ने थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र के बदमाशों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य अपराध होने के बाद आरोपित को पकड़ना भर नहीं, बल्कि अपराध होने से पहले उसकी संभावना को खत्म करना होना चाहिए।
- इसके लिए बीट और माइक्रो बीट पुलिसिंग को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि बाउंड ओवर या सूचीबद्ध अपराधी दोबारा अपराध करता है तो मामले को गंभीरता से लिया जाएगा। ऐसे बदमाशों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के साथ उनकी गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए।