
Indore News: नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। कटरा से इंदौर आ रही मालवा एक्सप्रेस में छह अप्रैल की रात दो माह के बच्चे के अपहरण के मामले में बुधवार देर रात ग्वालियर जीआरपी आरोपितों को लेकर ग्वालियर रवाना हो गई थी। गुरुवार को तीनों आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया, जिसमें दो महिला आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। वहीं एक पुरुष आरोपित को रिमांड पर लिया गया है।
इधर अपना बच्चा लेने के लिए इंदौर आए दंपती दो दिन से जीआरपी थाने में इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल बच्चे को संजीवनी आश्रम में रखा गया है। शुक्रवार को महिला बाल विकास विभाग का दल जांच कर कलेक्टर से अनुमोदन लेकर बच्चे को लेकर निर्णय लेंगे।
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ग्वालियर जीआरपी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात जिस दंपती ने जीआरपी इंदौर में बच्चे को सौंपा था, उन्हें गिरफ्तार कर शुक्रवार को ग्वालियर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरोपित अमर सिंह चौहान को रिमांड पर लिया गया है। वहीं उसकी पत्नी और एक अन्य महिला को जेल भेज दिया गया है। इधर बुधवार को बच्चे की पहचान कर चुके दंपती गुरुवार को भी अपने बच्चे की सुपुर्दी के लिए जीआरपी थाने के चक्कर लगाते रहे।
बच्चे के पिता उमेश अहिरवार निवासी छतरपुर ने बताया कि बुधवार को पुलिस ने बच्चे को संजीवनी आश्रम में दिखाया था। बच्चा हमारा ही है, लेकिन अब तक हमें बच्चा नहीं सौंपा गया है। हम काफी परेशान हो रहे हैं। जीआरपी टीआइ संजय शुक्ला ने बताया कि बच्चे की सुपुर्दी बाल कल्याण समिति द्वारा की जानी है, लेकिन वह भंग है। ऐसे में कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद ही फैसला होगा।
बाल कल्याण समिति सदस्य गजेंद्र तोमर ने बताया कि समिति के दो लोगों का सेवाकाल समाप्त हो चुका है। ऐसे में शुक्रवार को महिला बाल विकास विभाग के दल द्वारा जांच की जाएगी। इसके बाद जांच रिपोर्ट के साथ कलेक्टर का अनुमोदन पत्र लिया जाएगा। इसके बाद ही बच्चे की सुपुर्दी का निर्णय होगा। हमारी कोशिश रहेगी कि शुक्रवार को सभी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।