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इंदौर में बढ़ रही पोर्नोग्राफी की लत, दो साल में मामले पांच गुना; युवा ही नहीं 50-60 साल के बुजुर्ग भी शिकार

इंदौर में पोर्नोग्राफी की लत के मामले दो साल में करीब पांच गुना बढ़े हैं। मनोचिकित्सकों के अनुसार युवा, किशोर और बुजुर्ग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

By Digital DeskEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 18 Sep 2026 10:43:27 AM (IST)Updated Date: Fri, 18 Sep 2026 10:43:27 AM (IST)
इंदौर में बढ़ रही पोर्नोग्राफी की लत, दो साल में मामले पांच गुना; युवा ही नहीं 50-60 साल के बुजुर्ग भी शिकार
इंदौर में बढ़ रही पोर्नोग्राफी की लत। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. इंदौर में पोर्नोग्राफी की लत के मामले पांच गुना बढ़े।
  2. अब हर महीने 10 से 12 नए मरीज पहुंचते हैं।
  3. 50 से 60 साल के बुजुर्ग भी इसकी चपेट में।

डिजिटल डेस्क। आज के दौर में आसान इंटरनेट, स्मार्टफोन की पहुंच और जिंदगी का बढ़ता खालीपन मिलकर समाज में एक नई और खतरनाक मानसिक बीमारी को जन्म दे रहे हैं। इंदौर शहर में पोर्नोग्राफी (अश्लील सामग्री) की लत के मामले पिछले दो सालों में करीब पांच गुना तक बढ़ गए हैं।

चिंताजनक बात यह है कि इस गंभीर लत के शिकार केवल युवा या किशोर ही नहीं हो रहे हैं, बल्कि 50 से 60 साल की उम्र के बुजुर्ग भी इसकी गिरफ्त में हैं। मनोचिकित्सकों के पास लगातार पहुंच रहे नए मामले इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि यह लत अब एक बड़ी सामाजिक चुनौती बन चुकी है।


हर महीने सामने आ रहे 10 से 12 नए मामले

इंदौर के प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. राहुल माथुर का कहना है कि यह आंकड़े उनके क्लीनिक के अनुभवों पर आधारित हैं। एक समय था जब महीने भर में मुश्किल से एक या दो मरीज इस लत का इलाज कराने पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या छलांग लगाकर 10 से 12 तक पहुंच गई है। इस लत के पीछे केवल आसान इंटरनेट ही जिम्मेदार नहीं है। रिश्तों में बढ़ता तनाव और इंसान का अकेलापन भी इसका बहुत बड़ा कारण है।

बुजुर्गों में भी हावी हो रही इंटरनेट की लत

मनोचिकित्सक डॉ. रामगुलाम राजदान के मुताबिक, सिर्फ शहरी लोग ही नहीं बल्कि ग्रामीण परिवेश के बुजुर्ग भी इस अजीबोगरीब समस्या का शिकार हो रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान घरों में रहने के कारण बुजुर्गों में खाली वक्त बिताने के लिए मोबाइल और इंटरनेट के उपयोग की जो आदत पड़ी थी, वह अब तेजी से एक नकारात्मक लत में तब्दील हो गई है।

जब खाली समय और अचानक आया पैसा बना बर्बादी का कारण

  • इस लत के गंभीर परिणाम कुछ व्यक्तिगत मामलों से भी समझे जा सकते हैं। खुड़ैल के रहने वाले एक 52 वर्षीय व्यक्ति (जो पहले चौकीदार थे) ने साल 2020 में अपनी जमीन बेची। बड़ी रकम हाथ आने के बाद उन्होंने काम-काज छोड़ दिया। इसी खाली समय में उन्होंने मोबाइल का सहारा लिया और धीरे-धीरे इंटरनेट से होते हुए उन्हें पोर्न देखने की ऐसी लत लगी कि परिवार वालों को थक-हारकर उन्हें मनोचिकित्सक के पास ले जाना पड़ा।
  • वहीं, इंदौर के ही एक 26 वर्षीय युवक को भी अपनी पोर्न देखने की पुरानी लत के चलते शादी के तुरंत बाद भारी दांपत्य परेशानियों का सामना करना पड़ा। उसकी लत इतनी बढ़ चुकी थी कि वह बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट तक पहुंच गया था। वैवाहिक जीवन खराब होने की कगार पर पहुंचने के बाद अब उसकी काउंसलिंग की जा रही है।

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सिर्फ 10-15% कंटेंट ही स्कैन कर पाती हैं एजेंसियां

इस ऑनलाइन जंजाल की भयावहता पर स्टेट साइबर सेल के एसपी प्रणय नागवंशी बताते हैं कि इंटरनेट पर मौजूद आपत्तिजनक कंटेंट का जाल इतना विशाल है कि जांच एजेंसियां अपनी पूरी कोशिश के बाद भी कुल कंटेंट का सिर्फ 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा ही स्कैन कर पाती हैं।

सिर्फ अकाउंट ब्लॉक करना काफी नहीं: साइबर एक्सपर्ट

  • साइबर सुरक्षा सलाहकार चातक वाजपेयी का मानना है कि इस डिजिटल बीमारी को रोकने के लिए सोशल मीडिया से सिर्फ आपत्तिजनक कंटेंट हटा देना या किसी एक अकाउंट को ब्लॉक कर देना कतई काफी नहीं है। आज के एआई आधारित सिस्टम के सामने यह बहुत बड़ी चुनौती है।

  • जब तक कंटेंट परोसने वाले मूल अकाउंट, उसके विज्ञापनदाताओं, पेमेंट ट्रेल (पैसे के लेन-देन), मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस और बाहरी वेबसाइटों की पूरी जड़ तक नहीं पहुंचा जाता, तब तक इस पर पूरी तरह लगाम लगाना संभव नहीं है।
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