
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर जिला न्यायालय ने एक सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वाले 27 वर्षीय युवक के परिजनों के हक में बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दुर्घटना कारित करने वाली बस की बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह मृतक के आश्रितों को ब्याज सहित कुल 62 लाख रुपये से अधिक की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान करे। यह आदेश परिवार की उस आर्थिक और मानसिक क्षति को ध्यान में रखते हुए दिया गया है, जो इकलौते कमाने वाले सदस्य के जाने से हुई थी।
घटना 26 नवंबर 2018 की है। पीथमपुर स्थित एक प्रतिष्ठित दवा कंपनी में 'एसोसिएट्स प्रोडक्शन' के पद पर कार्यरत विजय सोनुने अपने दोपहिया वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बस के चालक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि विजय सड़क पर जा गिरे और पास से गुजर रहे एक ट्रैक्टर का पहिया उनके ऊपर से निकल गया। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
मृतक विजय के पिता सोहराब सोनुने और परिवार के अन्य सदस्यों ने एडवोकेट गोविंद मीणा के माध्यम से जिला न्यायालय में क्षतिपूर्ति का दावा पेश किया था। याचिका में तर्क दिया गया कि विजय मात्र 27 वर्ष के थे और अपने परिवार के एकमात्र अर्जनकर्ता (कमाऊ सदस्य) थे। उनकी मृत्यु से न केवल परिवार के सामने भविष्य की उन्नति की संभावनाएं खत्म हो गईं, बल्कि जीवन यापन का गहरा संकट भी खड़ा हो गया।
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एडवोकेट गोविंद मीणा के तर्कों और साक्ष्यों से सहमत होते हुए न्यायालय ने बीमा कंपनी को दोषी माना। कोर्ट ने 46 लाख 31 हजार रुपये की मूल क्षतिपूर्ति राशि तय की। साथ ही, न्यायालय ने आदेश दिया कि दावा पेश करने की तारीख से इस राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी दिया जाए। ब्याज की गणना जोड़ने पर यह कुल राशि 62 लाख रुपये से अधिक हो जाती है, जो अब बीमा कंपनी को मृतक के आश्रितों को देनी होगी।