
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दूषित पानी का दंश झेल रहे भागीरथपुरा में जीवन पटरी पर लौटने लगा है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में अब तक उल्टी-दस्त के लगभग 3200 मरीज मिले थे। राहत की बात यह है कि इनमें से लगभग 3100 पूरी तरह से स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में घर-घर सर्वे कर रही हैं। मंगलवार को भी क्षेत्र के प्रत्येक घर में ओआरएस के 10 पैकेट और जिंक की टेबलेट वितरित की गई। विभाग अब तक 24786 लोगों को किट वितरण के साथ-साथ परामर्श दे चुका है।
सप्ताहभर पहले तक भागीरथपुरा क्षेत्र में रोजाना बड़ी संख्या में उल्टी-दस्त के मरीज मिल रहे थे, लेकिन अब स्थिति तेजी से नियंत्रित हो रही है। बड़ी संख्या में लोग ठीक होकर घर लौटने लगे हैं। मंगलवार को 19 मरीज अस्पतालों से डिस्चार्ज हुए। जबकि सिर्फ आठ को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
डाक्टरों का कहना है कि इन सभी की स्थिति नियंत्रित है। वर्तमान में विभिन्न अस्पतालों में 99 मरीज भर्ती हैं। इनमें से 15 आइसीयू में जरूर हैं, लेकिन इनकी हालत में भी तेजी से सुधार हो रहा है। क्षेत्र के 450 से ज्यादा नलकूपों का क्लोरिनेशन हो चुका है। जबकि एक सप्ताह में निगम की टीमें दो हजार से ज्यादा चैंबरों की सफाई कर चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे पानी को उबालकर ही पीने की इस्तेमाल करें। किसी भी परिस्थिति में कटे-फटे फलों का सेवन न करें। जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 9406505508 भी जारी किया है।
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इंदौर को नंबर वन बनाने में इंदौर की 40 लाख जनसंख्या का बहुत बड़ा योगदान है। चाहे वह नगर निगम के कर्मचारी हों, मीडिया के लोग हों या आम जनता हों। सबके प्रयास से ही इंदौर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। दुर्भाग्य से भागीरथपुरा की घटना से इंदौर की प्रतिष्ठा पर एक काला दाग लग गया है। हमें इंदौर को वापस उसी दौर में ले जाना होगा। हताशा, निराशा से उत्साह की तरफ ले जाना होगा। किसी शहर को बनाने में बहुत परिश्रम करना पड़ता है, लेकिन उसकी प्रतिष्ठा गिराने में बहुत समय नहीं लगता है। इस घटना ने इंदौर ही नहीं इंदौर के 40 लाख लोगों की मेहनत को धो दिया है। हम फिर से इंदौर की आन, बान, शान के लिए काम करेंगे। इंदौर को वह प्रतिष्ठा दिलवाएंगे जिसका इंदौर को अधिकार है और जहां भी भूल हुई है उसे ठीक करेंगे।
सभी राजनीतिक दलों से भी मेरा निवेदन है कि नकारात्मकता छोड़कर सकारात्मकता की दिशा में आगे बढ़ें और इंदौर को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका अदा करें। आज नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग, प्रदूषण विभाग और विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों की टीम इदौर में बैठकर काम कर रही है। भागीरथपुरा की घटना की बारीकी से जांच कर रही है और इसकी पुरनावृति न हो इस संकल्प के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। हम इंदौर को उच्च शिखर पर पहचान बनाएं, हम इसके प्रयास कर रहे हैं।- कैलाश विजयवर्गीय कैबिनेट मंत्री एमपी शासन