Delhi Blast में बड़ा एक्शन... आतंक की यूनिवर्सिटी के चांसलर की इंटेलिजेंस भेजी रिपोर्ट, महू के सिद्दीकी परिवार की बढ़ेगी मुश्किलें
MP News: दिल्ली में लाल किला के पास ब्लास्ट के बाद इंदौर में महू के सिद्दीकी परिवार पर जांच एजेंसियों की निगाहें हैं। अलफलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर जवा ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 15 Nov 2025 10:59:04 PM (IST)Updated Date: Sat, 15 Nov 2025 10:59:04 PM (IST)
आतंक की यूनिवर्सिटी के चांसलर की इंटेलिजेंस भेजी रिपोर्ट।HighLights
- आतंक की यूनिवर्सिटी के चांसलर की इंटेलिजेंस भेजी रिपोर्ट
- दिल्ली ब्लास्ट के बाद महू में लगीं जांच एजेंसियों की निगाहें
- 1993 में करोड़ों का घोटाला कर भागा था सिद्दीकी का परिवार
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। दिल्ली में लाल किला के पास ब्लास्ट के बाद इंदौर में महू के सिद्दीकी परिवार पर जांच एजेंसियों की निगाहें हैं। अलफलाह यूनिवर्सिटी के चांसलर जवाद अहमद सिद्दीकी को लेकर इंटेलिजेंस ने रिपोर्ट मांगी है। जवाद का परिवार करोड़ों के घोटाले में आरोपित रहा है। मूलतः महू निवासी जवाद अहमद सिद्दीकी की यूनिवर्सिटी के डॉक्टर दिल्ली बम ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार किए गए हैं। इसके बाद जवाद की जानकारी जुटाई जाने लगी है।
महू में लगीं जांच एजेंसियों की निगाहें
पुलिस मुख्यालय भेजी रिपोर्ट में बताया गया कि महू में रहते करीब तीन दशक पहले जवाद द्वारा अलफलाह इन्वेस्टमेंट कंपनी बनाकर करोड़ों रुपयों का घोटाला किया गया था। चिटफंड कंपनी के माध्यम से किए इस घोटाले में जवाद ने छोटे भाई हमाद के नाम का इस्तेमाल किया था। जवाद के पिता मौलाना हम्माद सिद्दीकी की दो पत्नियां थीं। एक पत्नी से जवाद व हमाद तथा दूसरी पत्नी से अफ्कान सिद्दीकी और एक अन्य संतान है। अफ्कान पर हत्या का आरोप लग चुका है।
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पुलिस ने फरारी में ही चालान प्रस्तुत किया
रिपोर्ट के अनुसार, जवाद ने 1993 में महू छोड़ दिया था। साल 2000 में हमाद के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज हुईं, मगर पुलिस ने फरारी में ही चालान प्रस्तुत किया। जांच में शामिल अफसरों के मुताबिक, जवाद 2013 तक महू व आसपास देखा गया था। ब्लास्ट के बाद पुलिस जवाद और उसके परिवार की जानकारी एकत्र कर रही है।