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नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। चाइनीज मांझे (Chinese Manjha Ban 2026) के कारण हो रहे हादसों को लेकर हाई कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि आदेश (High Court Guidelines for Makar Sankranti) के बाद में भी चाइनीज मांझे की वजह से मृत्यु होना दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिकारी केवल कागजों में तैयारी न दिखाएं, धरातल पर भी कार्रवाई करें। अगर कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा बेचते या उपयोग करते पाए जाए तो उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1) (गैर इरादतन हत्या) के लिए केस दर्ज किया जाए। कोई नाबालिग इस मांझे का उपयोग करता मिले तो उसके अभिभावक को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए उन पर प्रकरण दर्ज किया जाए। शासन ने कोर्ट को बताया कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के साथ ही इसके दुष्परिणामों के बारे में स्थानीय समाचार पत्रों और टीवी चैनलों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि चाइनीज मांझे के कारण लगातार हो रही मौतों के चलते कोर्ट ने मामले में स्वत: संज्ञान लेकर याचिका दायर की है। सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा गया कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होगी। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के उपयोग से गंभीर हादसे हो सकते हैं। सुनवाई के दौरान न्यायमित्र वरिष्ठ अभिभाषक विवेक शरण और आकाश शर्मा ने कोर्ट में सुझाव दिया कि मकर संक्रांति को देखते हुए इंदौर और हाई कोर्ट की सीमा के सभी 14 जिलों से उठाए गए कदमों और कार्ययोजना की रिपोर्ट तलब की जाए। शासन की तरफ से बताया गया कि चाइनीज मांझे की बिक्री को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उपकरण का उपयोग किया जा रहा है।
मृत बालक के परिजनों ने की मांग- दूसरों के साथ न हो ऐसा हादसा। 30 नवंबर को चाइनीज मांझे के कारण 17 साल के गुलशन की मौत हो गई थी, जिसके बाद उसके पिता रामकिशन जाटव की ओर से हाई कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की गई है। इसमें उन्होंने अपने बेटे की मौत के बाद दूसरों के साथ इस तरह का हादसा न हो, इसके लिए नियम बनाने की मांग की।
कोर्ट ने इंदौर सहित आसपास के जिलों में प्रतिबंध के सख्त पालन के संबंध में निर्देश दिए हैं कि...
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