
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। चाइनीज मांझे को लेकर प्रशासन भले ही अलर्ट मोड में है और इंदौर से लेकर पूरे मालवा-निमाड़ व प्रदेशभर में छापेमारी की जा रही है, लेकिन मौत की यह डोर पहले ही नए रास्ते तलाश चुकी है। प्रतिबंध से बचने के लिए कई दुकानदार खुले बाजार के बजाय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा ले रहे हैं। बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर सीधे ‘चाइनीज मांझा’ नाम से बिक्री नहीं दिखती, लेकिन छोटे ऑनलाइन विक्रेता और सोशल मीडिया के जरिए इसे गुपचुप तरीके से ग्राहकों तक पहुंचा रहे हैं। कहीं निजी मैसेज पर डील हो रही है तो कहीं होम डिलीवरी तक की सुविधा दी जा रही है।
इंस्टाग्राम पर चाइनीज मांझा नाम के अकाउंट बने हुए हैं, जो धड़ल्ले से इसकी बिक्री कर रहे हैं। दिल्ली, यूपी आदि जगहों पर बैठकर यह पूरे देश में सप्लाई कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया पर कई वेबसाइट भी हैं, जिस पर चाइनीज मांझे के नाम से ही मौत की यह डोर बिक रही है। लेकिन पुलिस इन पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है। पुलिस सिर्फ दुकानों पर छापेमारी तक ही सीमित है। इसके अलावा कई व्हाट्सएप ग्रुप भी बने हुए हैं, जिस पर धड़ल्ले से इसकी बिक्री हो रही है। चाइनीज मांझे की कीमत ऑनलाइन वेबसाइट पर 700 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक आ रही है।
यह स्थिति बेहद गंभीर है, क्योंकि सड़क पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन डिजिटल दुनिया में यह जानलेवा धंधा बेरोकटोक फल-फूल रहा है। इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। आरोपित इंस्टाग्राम पर चाइनीज मांझे का विज्ञापन दिखा रहे थे। इस पर टीआई ने खुद आरोपितों से ग्राहक बनकर बात की और इन्हें गिरफ्तार किया।
दुकानों के साथ ही ऑनलाइन माध्यम से चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। लोगों से अपील भी की जा रही है कि चाइनीज मांझे का उपयोग न करें। - राजेश दंडोतिया, एडीसीपी, क्राइम ब्रांच।
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